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Monday, July 1, 2013

'मैं हो चुकी किसी और की'..



'मैं हो चुकी किसी और की'..
कहते कहते फफक पड़ी थी
जब दिखाया था उसने..
मुझे अपने मेहँदी रचे हाथ..

था, साल रहा.. अब उम्र भर की
जुदाई का ख्याल
तभी तो ज़ोर से पकड़ा
हुआ था अंतिम बार मेरा हाथ !!

वो निशानियाँ प्यार की..
वो चिट्ठियाँ.. तोहफे..
सब धू-धू कर जल रहे थे
मेरे सामने.. मेरे साथ !!

खुद थी अश्कों से सराबोर..
और मुझे दिला रही थी दिलासा,
'अगले जनम में, पक्का-पक्का
रहेंगे न साथ-साथ!!'

था, मुझसे ज्यादा ग़म,
बिछड्ने का उसे..
तभी तो वक्त-ए-रुखसत
पर
भाग गयी थी.. छुड़ा कर मुझसे अपना हाथ!!




34 comments:

Pallavi saxena said...

प्यार के कोमल भाव लिए अत्यंत भावपूर्ण अभिव्यक्ति ...

Aziz Jaunpuri said...

सुन्दर ,भावपूर्ण सृजन अनुभूति की पराकाष्ठा

प्रवीण पाण्डेय said...

मन को सब समझाये कौन।

Shalini Kaushik said...

.बहुत सुन्दर भावनात्मक अभिव्यक्ति . आभार मुसलमान हिन्दू से कभी अलग नहीं #
आप भी जानें संपत्ति का अधिकार -४.नारी ब्लोगर्स के लिए एक नयी शुरुआत आप भी जुड़ें WOMAN ABOUT MAN

rohitash kumar said...

प्यार का सबसे दुखद पल होता है ये.....प्यार कुर्बानी मांगता है....पर कैसी कुर्बानी..सिर्फ समाज के चंद लोगो के अह्म को संतुष्ट करने के लिए। कोई कर्तव्यवेदी पर कुर्बानी दे तो समझ में आता है..पर हमारा समाज हजारों साल बाद भी प्यार से जाने क्यों डरता है। जिन के नाम पर हमारे देश का नाम पड़ा वो राजा भरत भी तो प्यार की ही देन थे.....उस देश के वासी आखिर कबतक इस तरह प्यार पर पहला बिठाते रहेंगे पता नहीं?

shikha varshney said...

दर्द बिछड़ने का कम हो शायद अगले जन्म के दिलासे से.

Neelima sharma said...

बहुत भावपूर्ण लिखा हैं .......

abha khare said...

प्रेम के कोमल एहसास लिए भावपूर्ण रचना

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

सजीव चित्रण इस पल का .... सुंदर रचना

सरिता भाटिया said...

bahut khubsurat rachna mukesh bhai

वाणी गीत said...

बढ़िया है !

Rewa tibrewal said...

sundar bhavpurn rachna

ताऊ रामपुरिया said...

मनोभाव साफ़ झलक रहे हैं, बहुत सुंदर रचना.

रामराम.

ranjana bhatia said...

बहुत ही खुबसुरत रचना लिखी है आपने मुकेश ....बेहतरीन

Aditya Tikku said...

lajawab -***

Aparna Sah said...

pyar hai to judai bhi hai,milan hai to vichhoh bhi hoga....yese pyar me phir alag hone ka kashat kaha jo rooh ko chu gae ho......hamesha ki tarah komal bhavon se otprot rachna....

संजय भास्‍कर said...

खुबसुरत रचना मुकेश जी

Kailash Sharma said...

बहुत संवेदनशील प्रस्तुति...

sushma 'आहुति' said...

प्यार की खुबसूरत अभिवयक्ति.....

Ranjana Verma said...

प्यार की खुबसूरत रचना.....

Ranjana Verma said...

प्यार की खुबसूरत रचना.....

sadhana vaid said...

एक चलचित्र सा खिंच गया सामने ! सुंदर भावभीनी प्रस्तुति !

madhu singh said...

khoobshurat prastuti

madhu singh said...

khoobshurat prastuti

Saras said...

खूबसूरत प्रस्तुति

काजल कुमार Kajal Kumar said...

आह

सबको उनका प्‍यार मि‍ले

expression said...

बहुत सुन्दर.....
उम्मीद नहीं थी ऐसी रचना की :-)

सस्नेह
अनु

yashoda agrawal said...

वाह....
क्या बात है......
सिन्हा जी...आभार

neetta porwal said...
This comment has been removed by the author.
neetta porwal said...

ए मेरे हम नवां .. तू नही ... फिर भी साथ चलते हैं साये तेरी यादों के ... सुन्दर रचना !

Anju (Anu) Chaudhary said...

एक प्यार का दुखद अंत ...ये ही नियति है

डॉ. जेन्नी शबनम said...

ओह्ह... बस अब सिर्फ यादों में ... बहुत भावपूर्ण रचना.

Mahi S said...

</3

Mahi S said...

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