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Friday, June 24, 2016

फ्लेमिंगो सी उम्मीदें ......


गुलाबी फ्लेमिंगो सी उम्मीदें
उनकी रंगीली चमकीली लौ जैसी
जैसे ढेरों गुलाबी पक्षी लम्बी गर्दनें उठा कर
गुलाबी कतारों में चलते हुए
एकाएक इधर उधर फ़ैल जाते हों
विस्तार पाने के लिए, जल परिधि के बीच..

ठीक वैसे ही पल-प्रतिपल
क्या-क्या न कर जाऊं,
क्या-क्या न पा जाऊं
कुछ ऐसे ही मेरी उम्मीदें
मेरी सोच की लम्बी गर्दन थामे चाहती है,
पा जाऊं वो सब कुछ जो चाहता/सोचता रहा अब तक..

मेरी उम्मीदें भी फ्लेमिंगो सी
घंटो एक पैर पर होकर खड़ी
मौन सोचती है, चाहती है
कैसे भी बस
पूरी हो हर चाहत
जैसे फ्लेमिंगो 'टप' से पकडती है निवाला
लम्बे चोच में

गुज़रती जिंदगी और उम्र के साथ सतरंगी उम्मीदें,
किसी भी स्थिति का करने को सामना
चाहती है
फ्लेमिंगो के तरह माइग्रेट करके ही बेशक
कर ले पूरे अरमान
और पा जाए वो हर कुछ
जो संजोये है मन में

फ्लेमिंगो लौट गयी हैं
पुनःप्रवास का समय बीत रहा है
शायद मेरी उम्मीदों ने भी सोना सीख लिया है
या फिर ऐसे कहें
मेरी उम्मीदों को मिल गया महापरिनिर्वाण.

Tuesday, June 14, 2016

उम्मीद


इकतीस दिसंबर की सर्द जाड़े की रात
मेरी बालकनी के सामने का पेड़
अधिकतर पत्तों के
गिरने के बावजूद भी
है जिस पत्ते पर अटकी
मेरी नजर
वो हरा पत्ता
है डाली से अटका
सहता हुआ ठंड और जर्द हवा !
है मेरी एक प्यारी सी ख्वाहिश,
उस अंतिम पत्ते के गिरने से पहले
आ जाए हरियाली की बयार !!

वैसी ही हरीतिमा !
जैसी तुम्हारी यादों से
बावस्ता होती है
तुम्हारी मुस्कानों से
सराबोर हुआ करती है
_______________

अब आप मेरी कवितायें "कविता कोश" पर भी पढ़ सकते हैं !


Wednesday, June 1, 2016

'मृत्यु'


'मृत्यु'
मैं लिखूंगा एक नज्म तुम पर भी,
और
अगर न लिख पाया तो न सही
कोशिश तो होगी ही
तुम्हारे आगमन से
जीवन के अवसान में
शब्दों के पहचान की!!
तेज गति से चलता रुधिर
जब एकाएक होने लगे शिथिल
नब्जों में पसरने लगे
शान्ति का नवदीप
जैसे एक भभकता दीया
भक्क से बुझने से पहले
चुंधिया कर फैला दे
दुधिया प्रकाश !!
जर्द से चेहरे पर
एक दम से
दिखे, सुनहली लालिमा !
मौसम और समय के पहर से इतर
दूर से जैसे आती हो आवाज
एक मरियल से कुत्ते के कूकने की !!
समझ लेना विदा का वक्त
बस आ ही चुका है !
बेशक न कहें - गुडबाय!
पर नजरों में तो पढ़ ही सकते हो
- मृत्यु का एक प्रेम गीत !!
इतना तो कहोगे न -
"अब तक की बेहतरीन कविता" !!
अनुप्रिया व प्रिय दर्शन जी