Thursday, December 1, 2016
तड़ित
Friday, November 11, 2016
500 का नोट और प्रेम
Friday, October 28, 2016
पटाखे
बीडी पटाखे के लड़ियों की
कुछ क्षण की चटख चिंगारी सा
है न तुम्हारा प्यार
फिस्स्स्सस !
इस्स्स्सस की हल्की छिटकती ध्वनि
जैसे कहा गया हो - लव यू
फिर जिसकी प्रतिध्वनि के रूप में
छिटक कर बनायी गयी दूरी
जैसे होने वाली हो आवाज व
फैलने वाली हो आग
और उसके बाद का डर
- 'लोग क्या कहेंगे'
शुरूआती आवाज न के बराबर
पर फिर भी, फलस्वरूप
हाथ जल जाने तक का डर
उम्मीद, आरोप से सराबोर
पटाखे के अन्दर का बारूद 'मैं'
उसके ऊपर लिपटे सारे लाल कागज़
तुमसे हुए प्रेम के नाम के,
और फिर मेरी बाहों जैसी
प्रेम सिक्त धागों की मदमस्त गांठे
धागे के हर घुमाव में थी लगी ताकत
ताकि छुट न पायें साथ
ताकि सहेजा रहे प्रेम,
पटाखे के पलीते जैसे तुम्हारे नखरे
चंचल चितवन !
पटाखे के ऊपर लिखे
स्टेट्युरी वार्निग सी
सावधानी बनाये रखें
- प्रेम भी जान मारता है !
पर जो भी कहो
समझो या न समझो
बस चाहतें कहती हैं
प्रेम का दीपक डभकता रहे 😊
~मुकेश~
Thursday, October 13, 2016
उम्मीदों का संसार
मतलब इतनी सी आमदनी
कि, बस पेट ही भर सके
पर है, चाहत यह भी कि
रख सके एकाध निवाले शेष
अगले सुबह तक के लिए
मटमैली सी रौशनी
लेकिन दरवाजे पर झीने परदे के टंगने के लिए
कर रहे इन्तजार
अगले दीपावली पर बोनस का
जलाये हैप्पी बर्थडे का कैंडल
पर, केक व दो पारले जी के बिस्किट के साथ
रहे उम्मीद
आने वाले गिफ्ट का
बेशक खाएं डांट
और, पा जाएँ कामचोरी का तमगा
पर,
रौब दिखाएँ अपनी सरमायेदारी का
कॉलर खड़ी रहने की चाहत के साथ
पोंड्स पाउडर का इकोनोमी डब्बा
व गुच्ची के नकली बैग के सहारे
कोशिश हो मिले
पत्नी की सूखती मुस्कराहट का
और हो चाहत, पार्टी में
इतरायें पत्नी को 'मैडम' बना पाने के गुमान पर
कुंठित इच्छाओं की पूर्ति के लिए
किराए के मकान में
लगा लें नेम प्लेट
"श्री" के संबोधन के साथ
हो निल बटा सन्नाटा
पर अपडेट करवाएं पन्ना
हर महीने
हम
लो मीडियम इनकम ग्रुप के लोग
रचते हैं उम्मीदों का संसार
हर दिन देखते हैं सपनों का बाजार
छलछलाती नज़रों के साथ ......!
"उम्मीद" शब्दों को पकड़े हुए
खिलखिलाए भी राशन के साथ ।
Thursday, October 6, 2016
मशीनी जिंदगी
क्या नहीं लगता ?
मशीनी जिंदगी के बीच रोबोटिक शख्सियत से बन चुके हैं हम
शारीरिक श्रम या दौड़ने-कूदने के बदले टीएमटी मशीन पर
जबरदस्ती की दौड़ लगा कर
मोटापे/ डायबिटीज/बीपी से लड़ने की सौगंध खाते हैं हम !!
विटामिन्स/कैल्शियम/आयरन की अजीब अजीब सी गोलियों से
संतुलित भोजन का अॉप्शन ढूंढने लगे हैं हम
यहाँ तक कि अपने अन्दर की उत्तेजना भी
वियाग्रा की गोली गटक कर मापने लगे हैं हम
सुबह थायराइड की गोली, फिर नाश्ते के बाद बीपी
सोडियम रहित नमक, ओर्गेनिक आटा या दाल
हर पल स्वस्थ रहने की ललक के साथ टिके रहने लगे हैं हम
नींद नहीं आती तो क्या हुआ, काले चश्मे से बंद कर आँखों के
काले कोर्निया को सुलाने की बेवक्त कोशिश करने लगे हैं हम
अगर वक़्त और खुदा ने मान लिया हमारा कहना
तो, सपने भी सीडी पर लोड कर, देख लिया करेंगे हम
कैसी कैसी मृग तृष्णा सी जी रहें हम
बस जिए जा रहे हैं, हम
जीने की तरकीब ढूंढें जा रहे हैं हम !!
| मेरे द्वारा सह सम्पादित संग्रह 100 कदम, प्रतिभागी रचनाकारा के हाथों में |
Sunday, September 25, 2016
क्वीन
सुनो !!
कुछ नया गढ़ूं?
नया विस्तार पाने की एक कोशिश
क्यों? है न संभव?
मानो ! तुम हो !
चौसठ घर वाले चेस की
सत्ताधारी क्वीन !
मानना ही पड़ेगा क्योंकि
किसी भी सूरत में ताज तो तुम्हे ही मिलेगा !
पर मैं क्या?
मुझमे क्या है दिखता
हाथी-घोडा-नाव
यानि जानवर जैसा समझूँ स्वयं को
न बाबा
फिर वजीर ?
लेकिन इतनी भी औकात नही !
चलो ऐसा करते हैं
'क्वीन' यानी तुम्हारे ठीक सामने वाला
पैदल सिपाही मैं !!
ताकि कैसे भी बस करीबी बनी रहे
फिर
फिर मैं हर संभव करूँगा रक्षा तुम्हारी
हाँ, जान देने तक की शर्त है शामिल !
और तुम
तुम बस मुझमे विश्वास बनाये रखना !
जिंदगी/खेल यूँ ही बढ़ती रहेगी आगे
अंततः समय व चालों के साथ
बस आठवें अंतिम पंक्ति तक पहुँच पाऊं
शायद यही होगा तुम्हारे साथ से हासिल
मेरे सफलता का पैमाना
काश, कहीं इससे पहले धराशायी न हो जाऊं ?
तो होगा
एक शानदार विस्मयकारी परिवर्तन
प्यादे से वजीर में परिणत !!
सुनो !
विश्वास डगमगाए नही
वजीर बनते ही होगी मेरी पहली चाल
चेक व मेट !!
समझी क्वीन !!
![]() |
| मेरे सह संपादन में प्रकाशित साझा संग्रह 100 कदम, प्रतिभागी रचनाकार नंदा पाण्डेय व उनके पति के हाथो में ... |
Tuesday, September 6, 2016
प्रेम रोग
हाई ब्लडप्रेशर की गोली एम्लो-डीपीन खाकर
की कोशिश कि
इंट्रावीनस रक्त का संचार
हो पाए सामान्य
ताकि बस
कर पाए प्रपोज
निकाल ही दे दिल के उदगार
नहीं दी चॉकलेट उसको
आखिर वो नहीं चाहता
मीठे प्यार और चॉकलेट के मीठेपन का
कॉकटेल
बढ़ा दे एकदम से
उसका ब्लड शुगर लेवल
दी है सलाह
एंजियोप्लास्टी की
पर, कहाँ मानता है दिल
चुम्बन
रुधिर के गाढ़ेपन को
बस पिघला कर
पैदा करता है झनझनाहट
तरंग
पिघल चुका कोलेस्ट्रोल भी
बाएं उपरले कोने पर
लिखा है Rx










