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Friday, June 15, 2012

~: जिंदगी :~

कभी कभी ....
सुबह की सतरंगी धुप भरी भोर..
दिखती है, एकदम अलग
एक अलग मायने के साथ
और जिंदगी
में कुछ खुबसूरत पल
खिल उठते हैं
कलियों से फूलो में बदलते हुए....
जिंदगी पाती है
एक नया खुबसूरत अर्थ
बदलता हुआ आयाम..
पाता है एक विस्तार जिंदगी में
कहीं दूर से आने वाली आवाज
...... की तरंगे
संगीतमय लगती है कानो को....
गुद-गुदा देती है ...
है ना............!
मन...
मन का आँगन
हो जाता है सुवासित !
बहुत सी छोटी छोटी बातें
अनाम यादें
अनकहा रिश्ता
हमें रचता है
ऐसे ही तो बन जाती है
जिंदगी.....
खुशनुमा कभी कभी .... !
आशाओं के कण से
सिंची एक हरी भरी बेल सी.......!..
दिलकश............!!
कर देती है अन्दर
तरोताजा कभी कभी .... !!!
जैसे छोटे बच्चे के
मुख से टपक रहा हो
केडबरी चोकलेट का रस....!!
या अभी अभी हुई
बारिश की बूंदों से
भींगा हुआ खुबसूरत सा
हसीन चेहरा !!
.

49 comments:

वन्दना said...

जैसे छोटे बच्चे के
मुख से टपक रहा हो
केडबरी चोकलेट का रस....!!

बस यही तो है ज़िन्दगी मुकेश :)))

expression said...

खूबसूरत जिंदगी....खूबसूरत अभिव्यक्ति.....

बहुत बढ़िया..

BHAKTIFINVEST said...

bahut hi umada.....abhi barish ho rahi hai aur usse mel khati ye aap ki behtarin rachana....keep it up

रेखा श्रीवास्तव said...

प्रकृति के साथ अच्छा तारतम्य प्रस्तुत किया है. बहुत सुंदर रचना.

सदा said...

अनाम यादें
अनकहा रिश्ता
हमें रचता है
ऐसे ही तो बन जाती है
जिंदगी.....
बिल्‍कुल .. .बेहतरीन भाव लिए उत्‍कृष्‍ट अभिव्‍यक्ति ।

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

आशाओं के कण से
सिंची एक हरी भरी बेल सी.......!..
दिलकश............!! कर देती है अन्दर
तरोताजा कभी कभी .... !!!

बहुत सुंदर प्रस्तुति ॥

Reena Maurya said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...
सुन्दर...

Anupama Tripathi said...

sundar abhivyakti ...

रश्मि प्रभा... said...

मासूम , सुन्दर ... प्रकृति के हर कोने में सजीवता भर गई और ज़िन्दगी संगीतमय हो उठी

रंजना [रंजू भाटिया] said...

ज़िन्दगी को जिस ढंग से सोच लो वैसी ही है ..रसभरी .मासूम ,या आँखों में चेहरे में टिकी किसी हुई किसी ओस की बूंद सी ..सुन्दर अभिव्यक्ति ..

Minakshi Pant said...

जिन्दगी के हसीन पन्नों को उलटती - पलटती कभी कुछ कहती कभी कुछ सुनती हाँ कभी केडबरी सी मिठास तो कभी बदहवास कर देती जिंदगी हाँ इसी खट्टे - मीठे अहसास का नाम ही तो है जिन्दगी |
खूबसूरत अहसास से सजी ये आपकी जिंदगी बहुत सुन्दर |

Vibha Rani Shrivastava said...

बारिश की बूंदों से
भींगा हुआ खुबसूरत सा
हसीन चेहरा !!
ऐसे ही खुशनुमा जिंदगी ,
हमेशा रहे तो लाजबाब रहे .....
जिन्दगी का बर्णन करने का
अनोखा ढंग .... उम्दा प्रस्तुति ....

shikha varshney said...

गज़ब....भोर की पहली किरण सी सुहानी कविता .

प्रवीण पाण्डेय said...

उत्साह का संचार होते ही सब हरा भरा लगने लगता है..

asha pandey said...

मन का आँगन
हो जाता है सुवासित !
बहुत सी छोटी छोटी बातें
अनाम यादें
अनकहा रिश्ता
हमें रचता है
ऐसे ही तो बन जाती है
जिंदगी..... BAS YAH TO ZINDGI HAI

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत अच्छी प्रस्तुति!
इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (17-06-2012) के चर्चा मंच पर भी होगी!
सूचनार्थ!

निवेदिता श्रीवास्तव said...

जीना इसी का नाम है ....:)

Anju (Anu) Chaudhary said...

जिंदगी के कुछ नए रिश्तों के नाम पर .....चलो कुछ मीठा हो जाए दोस्त ...

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

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बेहतरीन रचना


दंतैल हाथी से मुड़भेड़
सरगुजा के वनों की रोमांचक कथा



♥ आपके ब्लॉग़ की चर्चा ब्लॉग4वार्ता पर ! ♥

♥ पढिए पेसल फ़ुरसती वार्ता,"ये तो बड़ा टोईंग है !!" ♥


♥सप्ताहांत की शुभकामनाएं♥

ब्लॉ.ललित शर्मा
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sushma 'आहुति' said...

बहुत ही गहरे भावो की अभिवयक्ति......

डॉ॰ मोनिका शर्मा said...

जीवन से जुड़े सरल भाव..... यही ज़िन्दगी है ...

शिवम् मिश्रा said...

क्या बात है हुज़ूर ... बहुत खूब ... जय हो !

इस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - आपकी पोस्ट को शामिल किया गया है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - बुंदेले हर बोलों के मुंह, हमने सुनी कहानी थी ... ब्लॉग बुलेटिन

babanpandey said...

प्रकृति और जिंदगी का अद्भुत मिश्रण ....

रविकर फैजाबादी said...

जोरदार प्रस्तुति |
टिप्पणियां भी मनभावन ||

अरुण चन्द्र रॉय said...

वाकई जिंदगी को खूबसूरत बना दिया है आपने मुकेश... बारिस में भीगा हुआ... बहुत खूब...

Suman said...

खुबसूरत भाव जैसे ताजे ओसकण !
जिंदगी का अपने आप में कोई अर्थ नहीं, अर्थ हमें ही देने है
ताकि जीवन का यह सफ़र आसानी से तय किया जा सके
गुनगुनाते गीत गाते !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

सुन्दर रचना है सर!
इसको शेअर करने के लिए आभार!

amrendra "amar" said...

gahan bhaav ...liye sundar rachna ...shubhkamnayen .

Ramakant Singh said...

अनकहा रिश्ता
हमें रचता है
ऐसे ही तो बन जाती है
जिंदगी.....


.खूबसूरत अभिव्यक्ति.....

वाणी गीत said...

सतरंगी धूप से खूबसूरत पल खिल उठते हैं , कलियाँ जो फूलों में बदलती है ...
मीठी शहद घुली कविता .
खूबसूरत, धूप

Kailash Sharma said...

बहुत सी छोटी छोटी बातें
अनाम यादें
अनकहा रिश्ता
हमें रचता है
ऐसे ही तो बन जाती है
जिंदगी.....

....सच में जिंदगी ऐसे ही बन जाती है...बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...

anitakumar said...

बहुत अच्छा लिखा है

संजय भास्कर said...

बहुत सी छोटी छोटी बातें अनाम यादें अनकहा रिश्ता हमें रचता है ऐसे ही तो बन जाती है जिंदगी....खूबसूरत जिंदगी

संजय भास्कर said...

आज आपके ब्लॉग पर बहुत दिनों बाद आना हुआ अल्प कालीन व्यस्तता के चलते मैं चाह कर भी आपकी रचनाएँ नहीं पढ़ पाया. व्यस्तता अभी बनी हुई है लेकिन मात्रा कम हो गयी है...:-)

दर्शन कौर धनोय said...

"बहुत सी छोटी छोटी बातें
अनाम यादें
अनकहा रिश्ता
हमें रचता है
ऐसे ही तो बन जाती है
जिंदगी....."

बहुत ही सुंदर ..दिल के करीब लगती है यह कविता !
जिन्दगी जब चाकलेट की तरह मीठी होती हैं तो चारो और रंगीनियाँ ही रंगीनियाँ नज़र आती है --हम हवा के हिंडोले में सवार उड़ते रहते है ..पर यदि कभी करेली की तरह कडवी हुई तो हम रोकर ढिंढोरा क्यों पिटते रहते है .?..यह जीवन की सच्चाई मुझे समझ नहीं आती ...?

वैसे भी कहते है न 'जिन्दगी कैसी है पहेली हाय,कभी ये हँसाए कभी ये रुलाए'.....

Rewa said...

bahut khoob....jindagi kay bahut sare rang piro diye apne shabdo may

Vijay Kumar Sappatti said...

जिंदगी के इतने dimensions को अपनी कविता में cover करना ..वो भी सीमित शब्दों में.. ये तो एक अच्छा कवि ही कर सकता है ..जो कि आप है .. मुझे बच्चे वाला प्रसंग बहुत अच्छा लगा. मन को गुदगुदा गया...आभार

smshindi By Sonu said...

उत्‍कृष्‍ट अभिव्‍यक्ति ।

Mukesh Kumar Sinha said...

Anand Dwivedi अभी और डूबो मुकेश देखना और क्या क्या मिलता है ...बहुत सुंदर अब कई रचनाओं से एक अधिक परिपक्वता कि झलक मिलने लगी है ...जितना ही डूबोगे जीवन में खुद में उतना ही बेबाक और सुंदर होते जाओगे
खुद ही देखो ना ....
.....
बदलता हुआ आयाम..
पाता है एक विस्तार जिंदगी में
कहीं दूर से आने वाली आवाज
...... की तरंगे
संगीतमय लगती है कानो को....
गुद-गुदा देती है ...
है ना............!
मन...
मन का आँगन
हो जाता है सुवासित !
बहुत सी छोटी छोटी बातें
5 minutes ago · Unlike · 1

ktheLeo said...

....
.....
जैसे छोटे बच्चे के
मुख से टपक रहा हो
केडबरी चोकलेट का रस....!!
या अभी अभी हुई
बारिश की बूंदों से
भींगा हुआ खुबसूरत सा
हसीन चेहरा !!

वाह! बेहतरीन!

Mukesh Kumar Sinha said...

Shashi Mittal कभी ख़ुशी की आशा ,
कभी गम की निराशा ,
कभी सपनों की चांदनी .
कभी हकीकत की छाया .
कभी खोकर कुछ पाने की आशा,
शायद यही है ज़िन्दगी की परिभाषा..
20 hours ago · Unlike · 2

Mukesh Kumar Sinha said...

Shweta Agarwal ऐसे ही तो बन जाती है

जिंदगी.....

खुशनुमा कभी कभी .... !

आशाओं के कण से सिंची एक हरी भरी बेल सी.......!

..दिलकश............!!

कर देती है अन्दर तरोताजा कभी कभी .... !!!

waaaaaaaaaaaaaaaaaaaaahh Zindagi ka khubsurat jazbaa jo har dil mein panapta hai...aapka andaaz-e-bayaan kya khub hai....waaaaaaaahh...sidhe dil ki baat zubaan par....jo mehsus kiya wo aankho ke saamne....bahut badhiya...padh kar sukun mila.....chain se aah nikli....super lyk...:)
3 hours ago · Unlike · 1

kanu..... said...

padhkar laga zinadagi sach me khoobsurat hai

अल्पना वर्मा said...

बहुत खूब !

जैसा सोचते हैं वैसी दिखती है ज़िंदगी.

दीपक की बातें said...

मुख से टपक रहा हो
केडबरी चोकलेट का रस....!!
या अभी अभी हुई
बारिश की बूंदों से
भींगा हुआ खुबसूरत सा
हसीन चेहरा !!

क्या बात है

हरकीरत ' हीर' said...

जैसे छोटे बच्चे के
मुख से टपक रहा हो
केडबरी चोकलेट का रस....!!

बहुत सुंदर प्रयोग .....!!

Mridula Harshvardhan said...

khoobsurat zindagi ki khoobsurat baatein.... :)

Ragini said...

बहुत ही सुन्दर....

डॉ. जेन्नी शबनम said...

ज़िन्दगी की खूबसूरत राहें दिख रही हैं, सुन्दर रचना, बधाई.