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Saturday, July 7, 2012

प्रेम-गीत





















ताजमहल की
एतिहासिक पृष्ठभूमि
यमुना नदी के जल की
कल कल ...
और
हम तुम !
खामोश जुबान
खामोश निगाहें..
पर
गुनगुनाता दिल !
जब हो हाथ में हाथ
साथ में हो वो !!!
ऐसी हो प्रीत !!
बेशक न हो साथ
तो भी काल्पनिक
क्षणिक
स्वपन !
उसके साथ का ...!
ला देती है
मनभावन
सुखद
खुबसूरत
मादक -
अहसास !!!
भर जाते हैं
गुदगुदाते
जज्बात...!!
करते हैं
नृत्य !!
खिलखिला उठता है
मनमयूर....!!
तुम्हारी अनुभूति
और तुम..
मेरे लिए अनमोल...


66 comments:

Mahima Mittal said...

bahut hi sundar geet....

Mahima Mittal said...

Bahut hi sundar prem geet

Dimple Kapoor said...

wat an imagination Sir ji ....
sach hai ki priyatam ki anubhooti ke liye yeh zaroori nhi ki vo sath bhi ho . one can feel its lover widin him.so nice words ....really beautiful:))

सदा said...

तुम्हारी अनुभूति
और तुम..
मेरे लिए अनमोल...
बहुत खूब ... अनुपम भाव

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

कोमल से भाव लिए सुंदर प्रेमगीत

शालिनी कौशिक said...

nice presentation.धिक्कार तुम्हे है तब मानव ||

Pallavi saxena said...

बहुत सुंदर भावभिव्यक्ति...:)

Bhavna....The Feelings of Ur Heart said...

too good to feel some one within u even if he / she is far away still near with u in ur heart everywhere....nice poem ....keep it up....all the best

expression said...

बहुत सुन्दर....

अनु

Reena Maurya said...

हाय |||
बहुत सुन्दर प्रेमपूर्ण रचना...
:-)

रश्मि प्रभा... said...

ताजमहल और तुम और प्यार और सुकून

shikha varshney said...

बारिश का रंग दिखने लगा है..ताज,प्रीत ,अनुभूति..वाह भई वाह.

यादें....ashok saluja . said...

कोमल भावो से सजी रचना .....

Vibha Rani Shrivastava said...

भाई मेरे कलवाली भी तस्वीर सटीक होती इस रचना पर .... !!
और ये रचना *शब्दों के चाक* पर क्यों नहीं दिखी ?
बहुत सुन्दर है ये गीत.... अनमोल हैं ,इसके बोल .... शुभकामनाएं .... :)

प्रवीण पाण्डेय said...

प्यारा गीत..

रंजना [रंजू भाटिया] said...

बहुत सुन्दर ..बढ़िया लिखा है

दर्शन कौर धनोय said...

अनमोल भावो से सजाई ..दिल से निकली एक प्यार भरी फुहार ...ताज महल की तरह ही प्रेम में भीगी हुई ...

sushma 'आहुति' said...

प्रभावशाली प्रस्तुती....

Anju (Anu) Chaudhary said...

तुम्हारी कल्पना की दाद देनी होगी ...वाह बहुत खूब

Meenakshi Mishra Tiwari said...

Tajmahal ki sundarta aur location hai hi itna manbhavan aur manmohak ki mann me aise bhav aana swabhawik hain... Bahut sundar rachna.. Anmol

अरुण चन्द्र रॉय said...

सुंदर प्रेमगीत....

mita said...

badi pyari si kalpna... ati sundar jajbaat.

संजय भास्कर said...

..... प्यार और ताजमहल सुंदर प्रेमगीत....!!

संजय भास्कर said...

आज आपके ब्लॉग पर बहुत दिनों बाद आना हुआ अल्प कालीन व्यस्तता के चलते मैं चाह कर भी आपकी रचनाएँ नहीं पढ़ पाया. व्यस्तता अभी बनी हुई है लेकिन मात्रा कम हो गयी है...:-)

Riya said...

khamosh nigahen khamosh jubaan ...gungunata dil .... kshanik kalpna matra se khilkhila utha man mayur ..... gar kahin haqeekat hota to ??? adbhut hota na :)

वाणी गीत said...

ताज के किनारे यमुना की लहरों में अनुभूतियों का ख्वाब ...बढ़िया है !

वन्दना अवस्थी दुबे said...

सुन्दर रचना है मुकेश जी.

ब्लॉ.ललित शर्मा said...

जय हो, सुंदर कविता, बेहतरीन

केवल राम : said...

प्रभावशाली रचना ...!

Rajesh Kumari said...

मुकेश कुमार जी आपके ब्लॉग का तो मुझे पता ही नहीं था अच्छा हुआ आपने बता दिया आपको फोलो कर लिया है ताकि आप की रचना मेरे एग्रीगेटर तक पहुचे और मैं चर्चा में शामिल कर सकूँ आपकी रचना बहुत सुन्दर लगी बहुत बधाई हो सके तो मेरे ब्लॉग पर भी तशरीफ़ रखिये आपका वहां स्वागत है

Rakesh Kumar said...

खिलखिला उठता है
मनमयूर....!!
तुम्हारी अनुभूति
और तुम..
मेरे लिए अनमोल...

मुकेश जी,सुन्दर भावमय प्रेम
गीत लिखा है आपने.

प्रस्तुति के लिए आभार.

Udan Tashtari said...

शायद तुम्हारे कोमल भाव सुन यमुना पसीजे..लौट आये उसी कल कल छल छल! के साथ...

बहुत भावपूर्ण रचना...बधाई...

Er. सत्यम शिवम said...

Dil ko chuti prem ki adbhut bhavavyakti...anokha ehsaas...pavan pyaar ka...laazwab :)

निर्मला कपिला said...

भावमय अभिव्यक्ति।

आनन्द विश्वास said...

अति सुन्दर मनभावन प्रस्तुति।
कोमल स्पर्श संजोये मार्मिक
अभिव्यक्ति।
साधुवाद।

आनन्द विश्वास

रविकर फैजाबादी said...

अनुपम भाव |

शुभकामनाएं ||

amrendra "amar" said...

बहुत सुन्दर शब्दों में अभिव्यक्ति है.

महेन्द्र श्रीवास्तव said...

अच्छी रचना

राजीव तनेजा said...

सुन्दर रचना

राजीव तनेजा said...

सुन्दर रचना

Anupama Tripathi said...

जज्बात...!!
करते हैं
नृत्य !!
खिलखिला उठता है
मनमयूर....!!
तुम्हारी अनुभूति
और तुम..
मेरे लिए अनमोल...

sundar ..komal ..man ke bhaav ...preet page ...!!

sundar rachanaa ...!badhai.

yashoda agrawal said...

शनिवार 14/07/2012 को आपकी यह पोस्ट http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर लिंक की जाएगी. आपके सुझावों का स्वागत है . धन्यवाद!

दिलबाग विर्क said...

भावपूर्ण रचना...

rashmi ravija said...

तुम्हारी अनुभूति
और तुम..
मेरे लिए अनमोल...

क्या बात...बड़ी प्यारी कविता है..

udaya veer singh said...

बहुत सुंदर भावभिव्यक्ति....बधाई

Kailash Sharma said...

तुम्हारी अनुभूति
और तुम..
मेरे लिए अनमोल...

....बहुत सुन्दर भावमयी प्रस्तुति...

उपेन्द्र नाथ said...

gahre jajbat hai... sunder prastuti.

प्रतिभा सक्सेना said...

हाँ ,राधा-कृष्ण भी कहाँ साथ रह पाये थे - पारस्परिक अनुभूति ही तो थी !

Yogi Saraswat said...

अति सुन्दर मनभावन प्रस्तुति।
कोमल स्पर्श संजोये मार्मिक
अभिव्यक्ति।
जितनी तारीफ करी जाए , कम है !

Sawai Singh Rajpurohit said...

बहुत सुन्दर गीत ...बहुत ही सुन्दर प्रस्तुति।

कमल कुमार सिंह (नारद ) said...

था तो बहुत बधिया , लेकिन ये था क्या ???

मन के - मनके said...

सुंदर भावव्यक्ति

अरूण साथी said...

शाश्वत प्रेम....बधाई

Rajesh Kumari said...

प्रेम की लाजबाब भावाभिव्यक्ति दुबारा पढ़ी

Neelam said...

आपने तो प्रेम गीत भी बहुत सुन्दर लिख दिया ,
सुन्दर शब्द सुन्दर अभिव्यक्ति.
बहुत बहुत बधाई मुकेश जी .

Neelam said...

आपने तो प्रेम गीत भी बहुत सुन्दर लिख दिया ,
सुन्दर शब्द सुन्दर अभिव्यक्ति.
बहुत बहुत बधाई मुकेश जी .

Neelam said...

आपने तो प्रेम गीत भी बहुत सुन्दर लिख दिया ,
सुन्दर शब्द सुन्दर अभिव्यक्ति.
बहुत बहुत बधाई मुकेश जी .

देवेन्द्र पाण्डेय said...

खूबसूरत चित्र और प्यार का सुखद एहसास। वाह!

Onkar said...

छोटे-छोटे शब्द, पर प्रेम की सुन्दर अभिव्यक्ति

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') said...

सुंदर अभिव्यक्ति....
सादर।

संजय कुमार चौरसिया said...

प्यार और ताजमहल सुंदर प्रेमगीत

Mukesh Kumar Sinha said...

Neetta Porwal: अनमोल नरम नाजुक से अहसास ...सुन्दर बहुत सुन्दर ... चहुँ ओर कस्तूरी सी सुगंध विकीर्ण करते से ...बहुत शुभकामनाये !!
19 hours ago · Unlike · 1

Mukesh Kumar Sinha said...

Dimple Kapoor: ek bhut hi acha prayaas Mukesh ji aapka yeh btane ke liye ki jo dil mein hai vo sath bhi reh sakta ....usko mann se anubhav kar sakte hum :))
18 hours ago · Unlike · 1

Mukesh Kumar Sinha said...

Shweta Agarwal: खामोश जुबान
खामोश निगाहें..
पर
गुनगुनाता दिल !
जब हो हाथ में हाथ
साथ में हो वो !!!....waaaaaahh kitna khubsurat ehsaas.....

गुदगुदाते
जज्बात...!!
करते हैं
नृत्य !!
खिलखिला उठता है
मनमयूर....!!
तुम्हारी अनुभूति
और तुम..
मेरे लिए अनमोल.....prem ke anmol bhaav....waaaaahh....kitna romantic likha hai aapne....:)

Zinda hai Shahjahan ki chahat ab talak.....
Gawah hai Mumtaj ki ulfat ab talak....
Bana to hai Tajmahal Pattharo se aye dost....
Par machalti hai Mohabbat ki dhadkane ab talak.
16 hours ago · Edited · Unlike · 1

Mukesh Kumar Sinha said...

Harvinder Singh Saluja: ‎~
Mukesh ji........lajawaab ehsaas..........

और
हम तुम !
खामोश जुबान
खामोश निगाहें..
पर
गुनगुनाता दिल !
जब हो हाथ में हाथ
साथ में हो वो !!!
ऐसी हो प्रीत !!
20 hours ago · Unlike · 1

Vikas Nagpal said...

bahut sunder prem geet