जिंदगी की राहें

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Sunday, April 20, 2014

हसरतें



थी हसरतें
इस नादान दिल को
रख दूँ रेहन आपके पास !

काश! ये पागल दिल
कुछ पलों के लिए ही सही
धड़कता आपके ज़ेहन में

ये शख्स
कर देता जिंदगी आपके नाम
पल-पल.. छिन-छिन...
हो जाते आप पर क़ुर्बान

जिंदगी का हर क़तरा
प्यार.. दिल.. एहसास
होता आपका ही कर्ज़दार

सूद मे देनी होती मुझे
अपनी धड़कती साँसे
सिर्फ आपके ही नाम

होती चंद आहें भी साथ
मेरे ख़्याल.. मेरे जज़्बात..
मेरा वजूद.. मेरी नज़्म के साथ

हो जाते क़ैद
आपके दिल के
ताले लगे गिरवी घर में

उफ़्फ़!! मेरे आका..
मैं होता आपका गुलाम..
आपका गुलफ़ाम..

मेरी खामोश लबों
को दे दो न
अपनी मुस्कान

एक बार तो कहो
“आमीन” !!
_______________
प्यार व्यापार सा :)


17 comments:

Unknown said...

वाह।। बहुत खूब।

Unknown said...

वाह।। बहुत खूब।

ब्लॉग बुलेटिन said...

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन 'ह्यूमन कंप्यूटर' और ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल सोमवार (22-04-2014) को ""वायदों की गंध तो फैली हुई है दूर तक" (चर्चा मंच-1590) पर भी होगी!
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Unknown said...

wah...sundar abhiwyakti....

सविता मिश्रा 'अक्षजा' said...

बहुत बढ़िया

Digvijay Agrawal said...

आपकी लिखी रचना बुधवार 23 अप्रेल 2014 को लिंक की जाएगी...............
http://nayi-purani-halchal.blogspot.in पर आप भी आइएगा ....धन्यवाद!

Unknown said...

uff behad khoobsurat panktiyaan :)

Anju (Anu) Chaudhary said...

''आमीन''

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

परमात्मा का बनाया और हृदय में बसाया एकमात्र भाव जिससे कोई भी अछूता नहीं!!

richa shukla said...

बहुत सुंदर प्रस्तुति ...बहुत खूब
http://prathamprayaas.blogspot.in/-सफलता के मूल मन्त्र

प्रतिभा सक्सेना said...

वाह !

abhi said...

:)
ye pyaari kavita hai !

आशीष अवस्थी said...

मुकेश सर बढ़िया प्रस्तुति व रचना , धन्यवाद !
नवीन प्रकाशन - घरेलू उपचार ( नुस्खे ) - भाग - ८
~ ज़िन्दगी मेरे साथ - बोलो बिंदास ! ~ ( एक ऐसा ब्लॉग -जो जिंदगी से जुड़ी हर समस्या का समाधान बताता है )

दिगंबर नासवा said...

वाह वाह ... अब तो आमीन बोलना ही होगा ...

ANULATA RAJ NAIR said...

वाह !!
बहुत बढ़िया!!

अनु

डॉ. जेन्नी शबनम said...

अच्छी रचना. तस्वीर बहुत अच्छी लगी.