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Saturday, March 8, 2014

बदलाव


जब भी मैं उन्मुक्त हो कर 
खुशी से झूमकर 
बिन सोचे समझे 
खिल खिला उठता 
तो वो कहती 
बड़े बुरे दिखते हो आप 
क्योंकि आगे वाले दो दाँतो के बीच का 
खुला पट
दिख ही जाता है, दूर से !!

जब भी दिल से 
अन्तर्मन से 
बहुत सोच समझ कर 
उकेरता कागज पर 
तो वो कहती 
बड़े बुरे दिखते हो आप 
क्योंकि 
कलम की सोच व 
सारी भाव भंगिमाएँ 
चेहरे को बुरी बनाती है 
दिख जाता है दूर से .... 

तभी तो 
मैंने 
बिना सोचे हँसना 
व 
सोच समझ कर लिखना 
छोड़ ही दिया है 
ठीक ही किया न !! 


18 comments:

Aparna Sah said...

bilkul thik kiya,jo antar ko chhu jaye bat to manni hi chahiye....behud umda bhav ko ukere ho....bas wah...

प्रवीण पाण्डेय said...

हम जैसे हैं, वैसे ही व्यक्त रहें।

संजय भास्‍कर said...

पूर्णता का अनुभव कराती सुंदर कविता...

Dimple Kapoor said...

badlaav bahut zaroori hota hai Mukesh ji ...n kuch badlaav behad ache hote hain zindagi ko saral karne ke liye :)

संध्या शर्मा said...

उन्मुक्त खिलखिलाहट और अंतर्मन से उपजे भाव अनुपम होते है... प्राकृतिक स्वरुप ही सबसे सुन्दर है...

parul chandra said...

वाह। कभी कभी किसी के कहे कुछ शब्द जीवन ही बदलकर रख देते हैं...बहुत ही सुंदर रचना। सादगी लिए...

Agyaat said...

किसी के लिए कभी भी खुद को नहीं बदलना चाहिए. जो जैसा है, वैसे ही अच्छा लगता है. एक सुंदर कविता !

रूपचन्द्र शास्त्री मयंक said...

बहुत सुन्दर प्रस्तुति।
--
आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा आज सोमवार (10-03-2014) को आज की अभिव्यक्ति; चर्चा मंच 1547 पर भी है!
--
सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है।
--
हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
सादर...!
डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'

Digamber Naswa said...

किसी के कहने से क्या होता है .. जो है वाही तो सच है ... अच्छे से व्यक्त किया है आपने ..

Kaushal Lal said...

बहुत सुंदर ...

Suneeta Saraf said...

bahut sunder

प्रतिभा सक्सेना said...

ठीक तो है - हम जैसे हैंं वैसे हैंं,तुम अपनी जानो !

निवेदिता श्रीवास्तव said...

कोई कुछ भी कहे हँसते रहो :)

Satish Saxena said...

मस्त रहें , खुश रहें !!

वाणी गीत said...

ठीक किया , बिना प्रयास स्वाभाविकता बनी रहती है !

Saras said...

तुम्हारे हँसने की चाहे जो वजह हो .....पर तुम हँसते हुए ही अच्छे लगते हो मुकेश

Saras said...

तुम्हारे हँसने की चाहे जो वजह हो .....पर तुम हँसते हुए ही अच्छे लगते हो मुकेश

Saras said...

तुम्हारे हँसने की चाहे जो वजह हो .....पर तुम हँसते हुए ही अच्छे लगते हो मुकेश