जिंदगी की राहें

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Monday, September 23, 2013

प्रेम गजल




अंततः एक कविता लिख ही डाली
मैंने
तुम पर !
कल रात ही तो
खबावों  के पन्ने पर
मन के कलम से.……
सच में !
बंद आँखों से
कुछ मानव जोड़े
लगते हैं बड़े खुबसूरत
प्यारा सा अहसास
प्यारी सी खुशबू
प्यारी सी फिजा
मैं तो हो गया फ़ना.!
काश !
किसी फ्रेम में टांक सकता
चलो कोई नहीं
कल गजल लिखूंगा
"प्रेम गजल"
सुनोगी न ………….  ?


24 comments:

Unknown said...

awesome ...bahut khub likha

Unknown said...

चलो कोई नहीं
कल गजल लिखूंगा
"प्रेम गजल"
सुनोगी न …............. इंतज़ार रहेगा आपकी प्रेम ग़ज़ल का .उम्दा पोस्ट

Unknown said...


ख़ूबसूरत कविता ... तेज़ धूप में घने पेड़ की छाया सी ... साथ में चित्र भी लाजवाब .... बधाई :)

विभा रानी श्रीवास्तव said...

प्यारी सी अहसास
प्यारी सी खुशबू
प्यारी सी फिजा
इत्ती अच्छी गज़ल
आज तक पढ़ी ना थी

Kailash Sharma said...

बहुत ख़ूबसूरत रचना...

मेरा मन पंछी सा said...

सुन्दर रचना...
:-)

Anonymous said...

"खबावों के पन्ने पर
मन के कलम से"

कुछ खास निश्चित है

Anonymous said...
This comment has been removed by the author.
Rajesh Kumari said...

आपकी इस प्रविष्टि की चर्चा कल मंगल वार को राजेश कुमारी द्वारा चर्चा मंच पर की जायेगी आप का वहाँ हार्दिक स्वागत है ।

कालीपद "प्रसाद" said...

बहुत सुन्दर!
Latest post हे निराकार!
latest post कानून और दंड

दिवेंद्र सिंह 'देव' said...

bahut khoob

nayee dunia said...

बहुत बढ़िया

Pallavi saxena said...

लिखो लिखो हम इंतज़ार कर रहे हैं :)

राजीव कुमार झा said...

बहुत सुन्दर .
नई पोस्ट : अद्भुत कला है : बातिक

राजीव कुमार झा said...

आप की इस प्रविष्टि की चर्चा कल {बृहस्पतिवार} 26/09/2013 को "हिंदी ब्लॉगर्स चौपाल {चर्चामंच}" पर.
आप भी पधारें, सादर ....राजीव कुमार झा

mridula pradhan said...

अंततः एक कविता लिख ही डाली
मैंने
तुम पर !
wah....atmiyata se bhari hui bahut hi khoobsurat pangtiyan......

Unknown said...

'करत करत अभ्यास.. जड़मत होत सुजान'.. पर ये तो मेरे जैसे नौसिखियों के लिए है मुकेशजी... इत्ती प्यारी सरिता सी प्रवाहित कविता सीधे ह्रदय से निकली है.. और कल वाली भी बहुत खूब थी... अभी से उत्सुक हूँ.. कल कौन सी आने वाली है.. प्रेम-ग़ज़ल का इंतज़ार रहेगा...

आभा खरे said...

. इंतज़ार रहेगा आपकी प्रेम ग़ज़ल का..... बेहतरीन प्रस्तुति ..

आभा खरे said...

. इंतज़ार रहेगा आपकी प्रेम ग़ज़ल का..... बेहतरीन प्रस्तुति ..

Anju (Anu) Chaudhary said...

प्रेम से सजे मन के शब्द ...वाह बहुत खूब

प्रवीण पाण्डेय said...

जब भी मन बह निकले, लिख लो।

Unknown said...

"काश !
किसी फ्रेम में टांक सकता
चलो कोई नहीं
कल गजल लिखूंगा
"प्रेम गजल"
सुनोगी न …………. ?"
बहुत खूबसूरत

shuk-riya said...

वाह्ह्ह ..."प्रेम-गज़ल" निहायत खुबसुरत रचना .. पुरी गज़ल का इंतेज़ार रहेगा ..

Ranjana verma said...

बेहतरीन रचना !!