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Saturday, June 15, 2013

प्यार: पापा का



कर रहा था इंतज़ार
ऑपरेशन थियेटर के बाहर
तभी नर्स ने निकल कर पकड़ाया
और था, हाथो में,  नन्हा सा नाजुक सा
होगा सिर्फ डेढ़ या दो बितता
था, अंडर वेट भी
पर था, पहली नजर में ही दिल का टुकड़ा
एक क्षण में समझ आ गया था
क्या होता है, बनना पापा .......

पहले आता था गुस्सा, अपने पापा पर
क्यों? करते हैं इतना इंतज़ार
इतनी ज्यादा बात बात पर देखभाल
पर क्षण भर मे , चल गया था पता
क्या होता है दर्द, पापा बनने का
हुक सी लगी थी
जब वो नर्स की हाथों में चिंहुका ...

अन्तर्मन से निकली थी आशीष
बेटा! है बस एक तमन्ना
तू मेरे नाम से नहीं
मैं तेरे नाम से जाना जाऊँ......... 




40 comments:

राजेंद्र कुमार said...

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुती,आभार।

Anju (Anu) Chaudhary said...

इस प्रस्तुति ने निशब्द कर दिया

बहुत खूब ...माँ-पापा का बच्चों से और बच्चों का अपने माँ-पापा से ऐसा ही स्नेह बना रहें :)

SUMIT PRATAP SINGH said...

अच्छे पापा बने रहना...

Bhavna....The Feelings of Ur Heart said...

very nice ... this shows that u are a good, loving and caring father.

तिलक राज कपूर said...

खूबसूरत अनुभूति का खूबसूरत प्रस्‍तुतिकरण।

ऋता शेखर मधु said...

तू मेरे नाम से नहीं
मैं तेरे नाम से जाना जाऊँ...

ऐसा ही हो...बच्चे माँ-पापा का नाम रौशन करें...शुभकामनाएँ !!

SAURABH SINGH said...

बहुत ही सुन्दर प्रस्तुती,आभार।

Aparna Bose said...

lovely post....

Pallavi saxena said...

bahut khub...

उपासना सियाग said...

बहुत सुन्दर बात की आपने , हर पिता की यही ख्वाहिश होती है कि वह अपनी संतान के नाम से जाना जाये

अरुन शर्मा 'अनन्त' said...

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (16-06-2013) के चर्चा मंच 1277 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

sadhana vaid said...

पिता बनने के आनंदपूर्ण पल का जश्न मनाती सी बहुत ही सुंदर रचना ! बहुत स्खूब !

vibha rani Shrivastava said...

आमीन ....
हार्दिक शुभकामनायें ...

Kailash Sharma said...

बेटा! है बस एक तमन्ना
तू मेरे नाम से नहीं
मैं तेरे नाम से जाना जाऊँ......

...हर पिता की दुआ...बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति...

प्रतिभा सक्सेना said...

पिता और संतान:वृक्ष हैं पिता फलों में पोसते आगत भविष्य को, सारा संसार समाया है जिसमें !

Shalini Rastogi said...

पिता को समर्पित एक शानदार रचना ...
आपकी यह उत्कृष्ट रचना कल दिनांक १६ जून २०१३ को http://blogprasaran.blogspot.in/ ब्लॉग प्रसारण पर लिंक की गई है , कृपया पधारें व औरों को भी पढ़े...

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

माता पिता बन कर ही समझा जा सकता है उनकी चिन्ता को , प्यार को ... सुंदर प्रस्तुति ।

Neelima said...

bahut khoob mukesh ji

सु..मन(Suman Kapoor) said...

सुंदर

वाणी गीत said...

माता पिता के लिए गर्व का क्षण होता है जब वे अपनी संतान के सुकर्मों से जाने जाते हैं !

कालीपद प्रसाद said...
This comment has been removed by the author.
कालीपद प्रसाद said...

बहुत सुन्दर अनुभूति की अभिव्यक्ति!
latest post पिता
LATEST POST जन्म ,मृत्यु और मोक्ष !

Shalini Kaushik said...

बहुत सुन्दर भावों की अभिव्यक्ति आभार . मगरमच्छ कितने पानी में ,संग सबके देखें हम भी . आप भी जानें संपत्ति का अधिकार -४.नारी ब्लोगर्स के लिए एक नयी शुरुआत आप भी जुड़ें WOMAN ABOUT MAN "झुका दूं शीश अपना"

प्रवीण पाण्डेय said...

बहुत ही प्यारभरी और कोमल प्रस्तुति..

Dimple Kapoor said...

aapke bete to aapke nam se jaane hi jate hain ..i wish ki ap bhi unke badhe hone pe unke naam se jaane jaaye :)...
God bless u n ur sons ...
Happy Father's Day!!!!!!!!!!!

दिगम्बर नासवा said...

हर पिता की यही कामना होती है ... बेटे के नाम से जाने जाने की ...
बधाई इस दिन की ...

ज्योति-कलश said...

बहुत सुन्दर अभिव्यक्ति .....बहुत शुभ कामनाएं

ब्लॉग बुलेटिन said...

ब्लॉग बुलेटिन की फदर्स डे स्पेशल बुलेटिन कहीं पापा को कहना न पड़े,"मैं हार गया" - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

Aditi Poonam said...

बहुत सुंदर कोमल भावाभिव्यक्ति ..माता-पिता के
मन को और उनके भावों को माता-पिता बनने के
बाद ही महसूस किया जा सकता है...

Manjusha pandey said...

एक पिता के भावनाओं को दर्शाती सुंदर रचना

Mahesh Barmate said...

दिल को छूती रचना !

हरकीरत ' हीर' said...

पापा बनने का सुख ही अलग है .....

ranjana bhatia said...

दिल की बात कहती सुन्दर रचना ..

jyoti khare said...

सच पिता जी ऐसे ही होते हैं
मन के भीतर पनपती सुंदर और सच्ची अनुभूति
पिता को नमन
सादर




Rewa tibrewal said...

man key bhavon ko sidhey sarlta say kaha.....rachna chu gayi man ko..

तुषार राज रस्तोगी said...

बढ़िया

Aparna Sah said...

har pita ke shandar or koman anubhavon ko bayan karte shabd....

vibha rani Shrivastava said...

अन्तर्मन से निकली थी आशीष
बेटा! है बस एक तमन्ना
तू मेरे नाम से नहीं
मैं तेरे नाम से जाना जाऊँ।
आशीष फले फुले
तथास्तु

Veena Srivastava said...

खूबसूरत तमन्ना...

shuk-riya said...

एक सुन्दर ख्वाहिश .. एक सुन्दर रचना