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Thursday, May 23, 2013

वक़्त





वक़्त
अजीब है तू भी
नरम हाथो से
तूने पकड़ा था हाथ
फिर हथेली पर
अश्क की बूंदें बिखर गई
टूटते खवाबों की
कतरन
ही तो थी, वे बूंदें
जो दिला रही थी याद
हर आँखों में
खवाब प्यारे नहीं लगते !!
है न........


37 comments:

kavita verma said...

जो दिला रही थी याद


हर आँखों में


खवाब प्यारे नहीं लगते !!


है न........
kya baat hai bahut khoob ..

Dimple Kapoor said...

Khwaab to pyaare hi hote hain ,jo pyaare na ho vo khwaab nhi hote :)

दीपक बाबा said...

टूटते खवाबों की कतरन ही तो थी, वे बूंदें
जो दिला रही थी याद हर आँखों में खवाब प्यारे नहीं लगते !!



बेहतरीन प्रस्तुति, साधुवाद.

ranjana bhatia said...

ख्वाब तो हमेशा ही जो सुन्दर हो प्यारे लगते हैं ..बहुत सुन्दर रचना शुक्रिया

सदा said...

ख्‍वाब ... वक्‍़त के साये में नित नये रूप लेते रहते हैं ...
अनुपम भाव संयोजन ...

तुषार राज रस्तोगी said...

सुन्दर रचना भावों से ओत प्रोत गहन अभिव्यक्ति | आभार

expression said...

ख्वाब पूरे हों तो प्यारे लगते हैं....

सुन्दर रचना.

अनु

sadhana vaid said...

अधूरे ख़्वाबों की कसक हमेशा आँखों में करकती रहती है ! बहुत सुंदर पंक्तियाँ !

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

टूटते ख्वाबों की कतरन .... अश्क की बूंद ...खूबसूरत कल्पना । भावपूर्ण अभिव्यक्ति ।

Pallavi saxena said...

ख़्वाब तो हर आँखों के लिए होते हैं और हर आँख में अच्छे लगते हैं बस उन्हें पूरा करना उस इंसान के हाथों में होता है जो ख़्वाब को मंज़िल समझ कर चलते हैं और पाना चाहते हैं। :)

Aziz Jaunpuri said...

bahut sundar rachna, khwab to khwab hote hai, behad hasin lagte hai

Anju (Anu) Chaudhary said...

ज़ज्बात दिल-ए-नादान के

yashoda agrawal said...

आपने लिखा....
हमने पढ़ा....
और लोग भी पढ़ें;
इसलिए शनिवार 25/05/2013 को
http://nayi-purani-halchal.blogspot.in
पर लिंक की जाएगी.
आप भी देख लीजिएगा एक नज़र ....
लिंक में आपका स्वागत है .
धन्यवाद!

Aparna Bhagat said...

मुकेशजी.. आप के इस संजीदा रूप से साक्षात्कार पहली बार हुआ है मेरा.. और बहुत ही भा गयी ये उदास सी कविता.. ये भी जीवन का एक रंग है.

kshama said...

Har aank waqayee khabon ke liye liye nahee banee hotee...aansoo banke bah nikalte hain khwab!

Ranjana Verma said...
This comment has been removed by the author.
Ranjana Verma said...

बहुत खुबसूरत रचना!!

Ranjana Verma said...

बहुत खुबसूरत रचना!!

shikha varshney said...

खूबसूरत ख़याल.. सुन्दर शब्द .

Vijay Kumar Shrotryia said...

अच्छी अभिव्यक्ति...

उपासना सियाग said...

सही कहा आपने .......बहुत सुन्दर लिखा

Anupama Tripathi said...

hridaysparshi sundar rachna ...!!

Dr. Vandana Singh said...

एक नए और खूबसूरत अंदाज़ से परिचय करती आपकी रचना बहुत भाई.... रूमानियत कविता का अहम हिस्सा है... और एहसास ख्वाब जैसी मखमली सोच उसकी परछाई जैसे.... आपने अच्छे से निभाया :)

Rajendra Kumar said...

बहुत ही बेहतरीन प्रस्तुति,आभार.

कालीपद प्रसाद said...


ख्वाब जब टूटता है आंसू में बदल जाता है

Prashant Suhano said...

हर आंखो मे ख्वाब अच्छे नहीं लगते...
सचमुच..............

Onkar said...

बहुत खूब

Dr.NISHA MAHARANA said...

khawaab.....to jeene ka sahara hai ..pure hote hain to khushi hoti hai ..pyaari rachna ...

वीना said...

सुंदर ख्याल...

anilanjana said...

वक़्त को हर स्पर्श… ख्वाब को हर रास्ता पता है ...अश्क उसे बहा के कहीं भी ले जाएँ ..यादें भीगती ही रहेंगी ...

अच्छा लगा ये नया अंदाज़ तुम्हारा ....उसी सादगी से दिल की बात ... शुभकामनाएं ...

dr.mahendrag said...

वक्त की वक्त से क्या शिकायत करें,यह वक्त ही तो है,जो वक्त को बदल देता है.
अच्छी प्रस्तुति.

डॉ. जेन्नी शबनम said...

सच है हर ख्वाब हर आंख को प्यारे नहीं लगते... भावपूर्ण रचना, बधाई.

प्रवीण पाण्डेय said...

समय बदल देता जीवनक्रम

दिगम्बर नासवा said...

टूटे ख्वाब कतरन बन के बिखर जाते हैं ...
गहरा एहसास लिए ....

ताऊ रामपुरिया said...

वाह, बहुत ही लाजवाब.

रामराम.

आशा जोगळेकर said...

Bahut khoobsurat hai ye kwabon kee kataran. Iseese naye khwabon ke poshak banenge.

Manjusha pandey said...

ख्वाब भी जानते है आँखों का मौसम
भीगी रात में हो जाते हैं वो भी नम...