जिंदगी की राहें

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Friday, June 24, 2016

फ्लेमिंगो सी उम्मीदें ......


गुलाबी फ्लेमिंगो सी उम्मीदें
उनकी रंगीली चमकीली लौ जैसी
जैसे ढेरों गुलाबी पक्षी लम्बी गर्दनें उठा कर
गुलाबी कतारों में चलते हुए
एकाएक इधर उधर फ़ैल जाते हों
विस्तार पाने के लिए, जल परिधि के बीच..

ठीक वैसे ही पल-प्रतिपल
क्या-क्या न कर जाऊं,
क्या-क्या न पा जाऊं
कुछ ऐसे ही मेरी उम्मीदें
मेरी सोच की लम्बी गर्दन थामे चाहती है,
पा जाऊं वो सब कुछ जो चाहता/सोचता रहा अब तक..

मेरी उम्मीदें भी फ्लेमिंगो सी
घंटो एक पैर पर होकर खड़ी
मौन सोचती है, चाहती है
कैसे भी बस
पूरी हो हर चाहत
जैसे फ्लेमिंगो 'टप' से पकडती है निवाला
लम्बे चोच में

गुज़रती जिंदगी और उम्र के साथ सतरंगी उम्मीदें,
किसी भी स्थिति का करने को सामना
चाहती है
फ्लेमिंगो के तरह माइग्रेट करके ही बेशक
कर ले पूरे अरमान
और पा जाए वो हर कुछ
जो संजोये है मन में

फ्लेमिंगो लौट गयी हैं
पुनःप्रवास का समय बीत रहा है
शायद मेरी उम्मीदों ने भी सोना सीख लिया है
या फिर ऐसे कहें
मेरी उम्मीदों को मिल गया महापरिनिर्वाण.

Saturday, November 15, 2014

खुली आँखों से देखा सपना


मेरे कुछ ज्यादा चलते दिमाग ने
एक दिन, लगाई घोड़े सी दौड़
होगा एक दिन
स्वयं का ख़्वाबों सा घर
खुद के मेहनत के पैसों से
ख़रीदे हुए ईंट, रेत व सीमेंट का !
आभासी, ह्रदय के आईने में
देखा, उसमें कहाँ होगा दरवाजा
कहाँ होगी खिड़कियाँ, रौशनदान भी
गमले रखूँगा कहाँ
ये भी पता था मुझे !!

घर के लॉन में
हरे दूब पर नंगे पाँव चलते हुए
कैसे ओस के बूँद की ठंडक
देगी सुकून भरा अहसास
और तभी, एक गिलहरी पैरों के पास से
गुजर जायेगी
इस्स !! ऐसा कुछ सोचा !

उस आभासी घर के
डाइनिंग टेबल पर बैठ कर
चाय की सिप लेते हुए
खिड़की से दिखते दरख्तों के ठीक पीछे
दूर झिलमिलाती झील के कोने पर
बैठी सफ़ेद फ्लेमिंगो, एक टांग उठाये
कौन न खो जाए उसके खूबसूरती में
आखिर वो मेरे से ही मिलने तो आएगी
माइग्रेट कर के, बोलीविया के तटों से !!

मुझे पता नहीं और क्या क्या सोचा
जैसे बालकनी में
मनीप्लांट के गमले के
हरे पत्ते पर हल्का सफ़ेद कलर
मैं भी उस पत्ते को प्यार से थपकी देते हुए
महसूस रहा था
छमक कर आ रही
बारिश की बूंदों को !!

बहुत सोचने से अच्छी नींद आती है न
फिर ख़्वाबों में खोना या बुनना किसको बुरा लगे
पर, ये प्यारा सा ख़्वाब
फिर, नींद टूटते ही
- पापा!! स्कूल फीस !! आज नहीं दिए, तो फाइन लगेगा !!
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जिंदगी में कितने सारी उम्मीदें, सोच जवान होती रहती है ....... है न !!