जिंदगी की राहें

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Friday, August 28, 2015

प्यार कुछ ऐसा होता है क्या ?



प्यार कुछ सायकल सा होता है न
जिसके पैडल तो ऊपर नीचे करने होते हैं
जबकि चक्का गोल होता है
पर बढ़ता है सीधे आगे की ओर  !!
खड़खडाता हुआ, कभी कभी डगमगाता हुआ भी !!

प्यार उस कुकर सा भी होता है,
जो भीतर ही भीतर उबलते उबालते
स्नेह की खिचडी को पकाता है
और फिर मारता है सीटी
चीखता हुआ ...........   !!
जैसे तप कर पूरा हुआ!
आओ अब चख लो इस प्रेम को।

प्यार उड़ते एरोप्लेन सा, सोचना
कितना हसीन सा पल, वो अफसाना
जब होता है महसूस
कोई बाहें फैलाएं, खुद में समेटे
उड़ाते ले जा रहा, वृहतर आकाश में
दूर - बहुत दूर !!

चलो नया सोचो
प्यार फेसबुक के इनबॉक्स सा होता है
सब समझते हैं, सिर्फ प्यार गढ़ा जा  रहा है
स्टेटस पर, अपने दीवाल पर
और पता नहीं कब इनबॉक्स प्यार प्रेषित हो जाता है !!
'लव यू' या कोई शेर-गजल या ताजा तरीन पिक्चर
लौटता मेसेज कह सकता है ..........थैंक्स !! लव यू टू !!

प्यार तो ऐसा ही कुछ भी होता है
जो सोचो, जिसको सोचो, सब में प्यार ही प्यार
बस नजरिये की बात
सोच की बात
सम्प्रेषण की बात .......
दिल से दिल को जोड़ने की बात !!
________________
प्यार ! प्यार !! प्यार !!!

(डिस्क्लेमर: ये नितांत जरुरी है, कि रचना को पढ़ते समय, उसको लिखने वाले से न जोड़ा जाये )