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Wednesday, January 29, 2014

शब्द


है अजीब दुनिया शब्दों की
कभी दर्द से कराहते हैं शब्द
तो कभी खुशियों से से खिलखिलाते शब्द
जिंदगी में संबल भरते शब्द
मिठास उढ़ेलते, गरम एहसास जगाते शब्द !

हथियारों जैसे संहार करते शब्द
तो अंकुरित सृजन करते सुंदर शब्द
कभी प्रार्थना व दुआ देते शब्द
तो बद-दुआओं से भरे कठिन शब्द
चोट पहुँचते खतरनाक शब्द
तो दवा-दारू जैसे मरहम करते शब्द
केंद्र होते हुए परिधि को संचालित करते शब्द
परिधि से केंद्र पर आश्रित होते
आभारी शब्द
परस्पर अन्योनाश्रित
जीवनशक्ति होते शब्द
जिंदा, ज़िंदादिल, जिंदाबाद शब्द
मर-मर कर तड़पते मुर्दाबाद शब्द !

उफ! आह! से आहा ! तक की
दूरी तय करते शब्द !
तो कभी चमत्कृत करते शब्द !!   
इंसान को मुखर बनाते शब्द
कभी मौन हो इंसान बनाते शब्द !!


19 comments:

parul chandra said...

बेहद सुंदर ...सबल... आपके शब्द

Reena Maurya said...

आपके शब्दों कि जादूगरी तो कमाल की है...
बहुत बेहतरीन....
:-)

ब्लॉग बुलेटिन said...


ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन बीटिंग द रिट्रीट २०१४ ऑन ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

प्रवीण पाण्डेय said...

शब्द प्रमुख हैं, जीवन में, हम सबके।

Aparna Sah said...

shabd hi to abhiwyakti ke madhyam hain...waise shabd ke liye khubsurat aapke shabd...

Kailash Sharma said...

शब्दों की शक्ति निर्भर है उसके प्रयोग करने वाले पर..बहुत सुन्दर प्रस्तुति...

HARSHVARDHAN said...

बेहद सुन्दर और सराहनीय रचना,,,, शब्दों के जादूगर है आप :-) सादर धन्यवाद।।

नई कड़ियाँ : पंजाब केसरी लाला लाजपत राय

shashi purwar said...

waah sundar sundar shabdo ka sundar bayana badhai

मिश्रा राहुल said...

काफी उम्दा रचना....बधाई...
नयी रचना
"सफर"
आभार

वाणी गीत said...

शब्दों की मायानगरी में कभी अपने कभी पराये करते शब्द !
अच्छा लिखा !

Agyaat said...

शब्द ही शब्द...बहुत सुंदर शब्द, बेहतरीन सृजन !

Shikha Gupta said...

शब्दों में शब्दों की कहानी
वाह जी वाह

Digamber Naswa said...

शब्दों का जादुई अंदाज़ ... खेल खेलते शब्द ...

आशा जोगळेकर said...

भावों को शब्दों अर्थ देते शब्द,
कभी कविता बनाते शब्द।

shikha varshney said...

शब्द शब्द चमत्कृत...

डॉ. मोनिका शर्मा said...

वाह ...हर शब्द सधा सा .... बहुत ही उम्दा

ranjana bhatia said...

bahut sundar likha hai shbad to shabd hai :)

चला बिहारी ब्लॉगर बनने said...

शब्द आज यहाँ इस कविता के सिरहाने आराम कर पाएँगे, कोइ पारखी मिला पहली बार।

सदा said...

शब्‍दों का संगम है .....यह अभिव्‍यक्ति