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Thursday, November 1, 2012

चाय का एक कप!


























पहली बार
मैं गया था उसके घर
रौबदार आवाज..
चाय लाना..
वो सामने चाय के साथ
मिले दो हाथ, हुआ स्पर्श, प्लेट के नीचे
क्षण भर को तरंगित
कारण चाय का एक कप!
.
कॉलेज केन्टीन
ऑर्डर पे गयी एक चाय,
उफ़! तुम भी गए
भैया! एक खाली कप देना.
बाँट गयी दो दोस्त में ..
स्नेह से भरी
चाय का एक कप!
.
रोड साइड दुकान
बेरोजगारी के दिन..
चाय पिलाएगा..?
एक दोस्त ने कहा...
भैया देना चाय
दो बटा तीन कटिंग
हम तीनो के सामने थी..
दोस्ती से लबालब
चाय का एक कप!
.
सुनो!
उठ रहे हो.
जग जाओ ...
अलसाई सुबह में
कानो में घोलती श्रीमती जी की आवाज
इन्तजार कर रही थी
चाय का एक कप!
.
ट्रिन ट्रिन !!
पुराने मित्र का फ़ोन
कहाँ है? कैसा है?
बहुत दिन हो गए..
पुरानी यादें ताजी करते हैं
मिल कभी!
पीते हैं साथ में
चाय का एक कप!
.
आफिस टेबल
सरकारी कार्यों पर मीटिंग
टेंडर, एप्रूभल.
बहुत सी बातें..
और
चाय का एक कप!
.
ये अदना चाय का कप
लोगों को जोड़ता है
मिलाता है
बांटता है प्यार
जगाता है अहसास
बढ़ता है व्यापर
हर बात का जबाब
चाय का एक कप!






55 comments:

यादें....ashok saluja . said...

सुहानी यादों को समेटे वो चाय का एक कप....??
अब भी खुश रखे ,,चाय का यह एक कप |
शुभकामनाएँ!

Dimple Kapoor said...

apno ko aur kareb laata hai ek chai ka cup
bhut hi badia rachna Mukesh ji aapki ...yeh to btaiye ki hame kab pilayenge ek chai ka cup :)

संजय कुमार चौरसिया said...

behtreen

रंजना [रंजू भाटिया] said...

एक चाय का कप ..वाह वाह ...:) बहुत बढ़िया लगा ..कड़क एक दम ...:)

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

बहुत उम्दा!
करवाचौथ की अग्रिम शुभकामनाएँ!

shikha varshney said...

एक चाय के कप में बहुत कुछ हो जाता है.
बढ़िया है .पर पहला चित्र चाय के ग्लास का क्यों?

सदा said...

सच
हर बात का जबाब
एक चाय का कप !
वाह ... बहुत ही बढिया

प्रवीण पाण्डेय said...

कितना कुछ घटता, एक कप चाय में।

रश्मि प्रभा... said...

गरमागरम चाय कुरकुरे स्नैक्स के साथ .... उठती भाप में कितनी यादें उठती हैं ना

रविकर said...

उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

डॉ. मोनिका शर्मा said...

संवाद की राह खोल कितना कुछ करता चाय का कप

Virendra Kumar Sharma said...

खड़ी एक बाला ,लिए हाथ भाला ,
अधरों से लगाए चाय का प्याला .
(2)
सात्विक नशा है चाय ,
मेल मिलाप है चाय ,
बिगड़े काम बनाय चाय ,
बैठक भी करवाए चाय ,
सुबह सुबह मन भाए चाय ,
बंद आँख खुलवाय चाय ,
चाय ,तेरे बन रहा न जाय ,
चाय मसाला भूख बढ़ाय ,
सर्दी झटपट दूर भगाए ,
बिगड़े काम सभी करवाय .
एक चाय कड़वी (शराब )हो जाय .
विविध रूपा चाय पर बढ़िया रचना है आपकी .



Aditya Tikku said...

atiutam-***

santoshgangele said...

जिन्दगी की राहें ब्लोंग को देख कर भी दूध से चाय पर चला गया ,चाय पीकर मेरा मन आपसे मिलने मचल गया .

Mridula Harshvardhan said...

aahaa mazaa aaya padh kar

aaj ki gulabi thand mein ek chai ka cup....garmaas aur mithaas ghol gaya :)

sunder rachna padhwane ke liye

abhaar

naaz

संगीता पुरी said...

हर बात का जबाब होता है ..
एक चाय का कप

Rohitas ghorela said...

चाय के कप के साथ कुछ जिन्दगी जो हम जिए हैं जी भर के ...बेहतरीन अभिव्यक्ति

आपके ब्लॉग पर आकर काफी अच्छा लगा।
मेरे ब्लॉग पर आपका स्वागत हैं।
अगर आपको अच्छा लगे तो मेरे ब्लॉग से भी जुड़ें।
धन्यवाद !!

http://rohitasghorela.blogspot.com/2012/10/blog-post.html

Bhavna....The Feelings of Ur Heart said...

bahut hi badhiya.....
ek chai ka cup....par humne to chai chhod di :(
ab kaise lenge inn sab baton ka maza?

वन्दना said...

सुन्दर भाव संजोये हैं।

shalini said...

स्फूर्ति देते चाय के कप सी ताज़गी भरी रचना!

Sriprakash Dimri said...

ये अदना चाय का कप
लोगों को जोड़ता है
मिलाता है
बांटता है प्यार
जगाता है अहसास
बढ़ता है व्यापर
हर बात का जबाब
एक चाय का कप !
जिंदगी की भागम भाग में भी कालजयी है चाय का अदना सा कप ....बेहतरीन प्रस्तुति......
हार्दिक शुभ कामनाएं

शिवम् मिश्रा said...

एक कप इधर भी भिजवाइए महाराज ... या आप आ जाइए ... हम मँगवा लेते है ... एक चाय का कप ... ;-)


करवा का व्रत और एक विनती - ब्लॉग बुलेटिन पूरी ब्लॉग बुलेटिन टीम की ओर से आप को करवा चौथ की हार्दिक बधाइयाँ और शुभकामनायें !आज की ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

संगीता स्वरुप ( गीत ) said...

चाय का एक कप कितना कुछ काम कर जाता है .... बहुत सुंदर रचना ।

kshama said...

Bahut kuchh yaad dila diya aapne...badee khoobsoortee se!

Neelima sharrma said...

चाय का यह एक कप बहुत बढ़िया लगा|

mridula pradhan said...

हर बात का जबाब
एक चाय का कप !badi takat hai ismen.....

mridula pradhan said...

हर बात का जबाब
एक चाय का कप !badi takat hai ismen.....

expression said...

हम चाय पीते नहीं.....सो सब कुछ कोफी coffee समझ के पढ़ लिए :-)

अनु

ऋता शेखर मधु said...

har vaqt ka saathi hai chaay...bahut sunder!!
is post ko chaay peete-peete hi parh rahi hoon..:)

KAHI UNKAHI said...

बिल्कुल सही है...। यह चाय का कप बहुत यादें समेटे रहता है अपने भीतर...।
रचना के लिए बधाई...।

Akash Mishra said...

सच कहा आपने , चाय का कप कितने ही यादगार पलों का एक खामोश साथी होता है |
बच्चन जी की तर्ज पर -
'बैर कराते मंदिर मस्जिद ,
मेल कराती चाय-शाला |' :)

सादर

Anju (Anu) Chaudhary said...

नई ताजगी लिए हुए है आपका ये चाय का कप :)))

Saras said...


इसी बात पे हो जाये ...एक कप चाय ....:)

राजेश उत्‍साही said...

सचमुच की कविता, सुंदर अभिव्‍यक्ति। बस शीर्षक में जरा सा चूक गए मियां। एक चाय का कप नहीं, चाय का एक कप। बहरहाल बधाई।

poonam matia said...

चाय का कप वाकई जोड़ गया आपके हमारे अहसास ....मौसम हो या रिश्ते ...एक अजब गजब भूमिका निभाता है चाय का कप ....जो काफी भी पीते हैं ......पूछी उनसे चाय ही जाती है ....दोस्तों के बीच कटिंग चाय ...मीटिंग में टी-बेग्स वाली चाय ......वाकई विषय अच्छा ढून्ढ के लाये आप :)

Mukesh Kumar Sinha said...

Rajesh bhaiya... sach me sahi kaha aapne, abhi change karta hoon shirshak...!!

dhanywad.

Meenakshi Mishra Tiwari said...

ये अदना चाय का कप
लोगों को जोड़ता है
मिलाता है
बांटता है प्यार
जगाता है अहसास
बढ़ता है व्यापर
हर बात का जबाब
एक चाय का कप !

sunda rachna

रचना दीक्षित said...

एक शब्द में कहूँ तो "बेहतरीन" है चाय का कप.

Kailash Sharma said...

ये अदना चाय का कप
लोगों को जोड़ता है
मिलाता है
बांटता है प्यार
जगाता है अहसास
बढ़ता है व्यापर
हर बात का जबाब
एक चाय का कप !

...भावों का बेहतरीन संयोजन...बहुत सुन्दर

Ravindra Prabhat said...

एक कप चाय के साथ .....सुंदर और सारगर्भित अभिव्यक्ति के लिए बधाइयाँ ।

shashi purwar said...

hello mukesh
nice ek cup chai bahut khas pal har pal :) nice post , bahut kuch yaad sila gayi purane dino ko ....ab phir se ek cup chai :)

shashi purwar said...

hello mukesh
nice ek cup chai bahut khas pal har pal :) nice post , bahut kuch yaad sila gayi purane dino ko ....ab phir se ek cup chai :)

shashi purwar said...

hello mukesh
nice one ,ek ccup chai , waah bahut kuch yaad dila gayi , ek cup chai kabhi bhi , kahin bhi , har pal , :) suhane din suhana pal , ek cup chai :)

Soniya Bahukhandi Gaur said...

ye chai ka pyala hi to do dilon ko kareeb le aata hai

Mukesh Kumar Sinha said...

Shweta Agarwal :) sach....chaayi peene wale yunhi apna pyaar sneh aur apnapan baant-te hain....ye hum jaise na peene wale bas soch kar hi reh jaate hain
Friday at 10:39 · Unlike · 1

Mukesh Kumar Sinha said...

Mahesh Upadhyay: Chai hai sambandho ka sahara , ek pyara sa bahana , urja aur snehse laba lab pyala dar pyala sab hi ka dulara .
Friday at 11:48 · Unlike · 1

Mukesh Kumar Sinha said...

Ashok Arora: Mukesh ji ..ab yahi kah sakta hun..ki kab pila raho...chaye ab ki baar ek nahi do cup...ek apni aur se aur dusari....:)
Friday at 21:37 · Unlike · 1

Mukesh Kumar Sinha said...

Bharti Singh: Waaah....kyaa baat hai...ye chaay ka ek cup bhi naa...busssss...kya kahe'n....kitni kadiyon ko mazbooti se jodta hai...khattii..meethii amulya yadon ki anubhuti...ufff kamal... !
16 hours ago via mobile · Unlike · 1

Mukesh Kumar Sinha said...

Nivedita Srivastava: पढ़ते - पढ़ते चाय की तलब लग गयी और चाय पीते -पीते तारीफ़ करना रह ही गया ...:)
Saturday at 23:48 · Unlike · 1

Mukesh Kumar Sinha said...

Brajrani Mishra: ये अदना चाय का कप

लोगों को जोड़ता है

मिलाता है

बांटता है प्यार........बहुत सही और सुन्दर लिखा
Friday at 17:14 · Unlike · 2

प्रेम सरोवर said...

दीपावली की अनंत शुभकामनाएँ!!

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...



हर बात का जबाब
एक चाय का कप !


आपकी पोस्ट देखते हुए एक फिल्मी गीत याद आ गया
आहें न भर ठंडी ठंडी
ख़तरे की है ये घंटी
गरम गरम चाय पीले
ज़रा मेरी चाय पीले
नरम नरम हाथों से …

ऐसे मौसम में जो पैसे बचाएगा
सर्दी के मारे बेदर्दी अकड़ जाएगा …
जान है तो जहान है

ये गुलाबी पी गुलाबी चाय की प्याली …

नादां हैं जो पीते हैं कड़वा पानी
ये मीठी चाय सब नशों की है रानी…


:)
लता मंगेशकर जी ने गाया था
सुना हुआ याद होगा शायद जितेन्द्र की फिल्म बनफूल का है
…बहुत प्यारी रचना है

लीजिए श्रीमतीजी हमारी भी दोपहर की चाय ले आई हैं

प्यारी पोस्ट के लिए आपको बधाई एवं आभार …

Rajendra Swarnkar : राजेन्द्र स्वर्णकार said...



बनी रहे त्यौंहारों की ख़ुशियां हमेशा हमेशा…

ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
♥~*~दीपावली की मंगलकामनाएं !~*~♥
ஜ●▬▬▬▬▬ஜ۩۞۩ஜ▬▬▬▬▬●ஜ
सरस्वती आशीष दें , गणपति दें वरदान
लक्ष्मी बरसाएं कृपा, मिले स्नेह सम्मान

**♥**♥**♥**●राजेन्द्र स्वर्णकार●**♥**♥**♥**
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Madan Mohan Saxena said...

बहुत सुंदर भावनायें और शब्द भी ...बेह्तरीन अभिव्यक्ति ...!!शुभकामनायें.
आपका ब्लॉग देखा मैने और नमन है आपको और बहुत ही सुन्दर शब्दों से सजाया गया है लिखते रहिये और कुछ अपने विचारो से हमें भी अवगत करवाते रहिये.

Reena Maurya said...

बहुत बढ़ियाँ लगी ये एक कप चाय..
:-)