



३१ जनवरी २०१० को विश्वा पुस्तक मेला, प्रगति मैदान, दिल्ली में हिंदी युग्म दोग कॉम के तत्वाधान में इस पुस्तक "अनमोल संचयन" का विमोचन पद्म श्री बल स्वरुप राही के द्वारा हुआ, प्रशिध कवि, चित्रकार श्री इमरोज भी उपस्थित थे........इस पुस्तक को शर्मी मति रश्मि प्रभा ने सम्पादित किया और श्री मति प्रीती मेहता ने इसके कवर को डिज़ाइन किया है! इस पुस्तक में मेरी एक कविता भी शामिल थी..............."प्यार,प्यार और प्यार!"
4 comments:
safar ki shuruaat aage badhti jaye
koshish jaari hai "di"..........dekhte hain, karwan, kahan tak jata hai......:)
aap dheron subhkamnaye rashmi didi,
main ye kitab padhna chahuga , kasie prapt ho sakti hai m bataeyega,
aabhar,
saadar pranam
safar ki shuruaat aage badhti jaye
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