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Tuesday, April 1, 2014

हार्ड बाउंड डायरी

काश एक पूरी मानव जिंदगी को
देख सकें हार्ड बाउंड डायरी में समेट कर
अधिकतर पन्नें होंगे ऐसे
रूटीन कार्यों से भरें हो जैसे
जैसे समय से खाया-पीया
थोड़ी बहुत जरूरत के लायक
निगल ली साँसे, और सो गए
फिर औंधे मुंह ...
मतलब पन्ने बेशक पलट गए
पर न बदली ये जिंदगी
कुछ पन्नें रहें होंगे कोरे
आखिर कुछ दर्द, कुछ कठिनाइयाँ
शब्दों में कहाँ बंध पाते हैं
किसी किसी पन्नें पर
होगी लिखावट बेतरतीब, जल्दबाज़ी की
क्योंकि जिंदगी में कई दिन होते हैं ऐसे
जिसमें न मिलता है सुकून, न होता है दर्द
पर पूरे दिन भागते हैं जैसे तैसे
कुछ खास पन्नें, थे स्टार-मार्क किए
जैसे कुछ तो ऐसा किया, जो था अहम
दिल से जुड़ा, जिंदगी से जुड़ा
और हाँ, दो-चार पन्ने में लगे थे फ्लेप
आखिर दो दिलों का मिलना
जिंदगी में नए रिश्तों का गढ़ना
नए अहसासों का जन्म लेना आदि
जैसे महत्वपूर्ण अद्वितीय सहेजे हुए पल
खूबसूरती से .....
पर अंतिम पन्ना !! उफ़्फ़ !!
था कोने से फटा
आखिर मृत्यु के लिए
यही तो है एक अकस्मात सूचना....
मानव जीवन की जिंदगी
थी हार्ड बाउंड डायरी में उकेरीत .........!!  


10 comments:

Shalini Kaushik said...

पर अंतिम पन्ना !! उफ़्फ़ !!


था कोने से फटा


आखिर मृत्यु के लिए


यही तो है एक अकस्मात सूचना....
bahut gahri bat kahi hai aapne .very nice .

Shalini Kaushik said...

पर अंतिम पन्ना !! उफ़्फ़ !!


था कोने से फटा


आखिर मृत्यु के लिए


यही तो है एक अकस्मात सूचना....
bahut gahri bat kahi hai aapne .very nice .

expression said...

हमारे जीवन का आइना बन जाती हैं ये डायरियाँ....
सुन्दर रचना.
अनु

daisy jaiswal said...

बहोत सुंदर रचना !!!

Shikha Gupta said...

डायरी की कहानी .... दिल से

vibha rani Shrivastava said...

डायरी के अंतिम पन्ना भी लिख गए
बहुत खूब

Aparna Sah said...

oh jindgi ke sach ko kitne sarthak tarike se shabdon me dhal diye...dil ko chhu lenewali rachna...

abha khare said...

सच कहा .. हमारे जीवन के समानांतर एक और जीवन साँसें लेता है .. इन डायरियों में ... सुन्दर प्रस्तुति

madhu saxena said...

सबसे अच्छा पन्ना ....आखिरी पन्ना ।

संजय भास्‍कर said...

सुंदर रचना दिल से !!!