जिंदगी की राहें

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Friday, August 2, 2013

मौसम सा बदलता रिश्ता


मौसम की आवोहवा रिश्तों पर करती है असर !

ठंडी संवेदनाएं
और जम कर बनता बरफ
जैसा हो जाता है रिश्ता
अंधेरी सर्द भरी रात
बिलकुल घुप्प एवं ठंडी
दूरी मे रहती है गर्माहट
तो नज़दीकियाँ से हो जाती है सर्द
ये रिश्ता भी है अजीब
मौसम की आवोहवा रिश्तों पर करती है असर !

कभी कभी रिश्तों के बीच
चलती है लू जैसी गरम हवा
ढाती है कहर
झुलसा देती है अंदर तक
क्षण भर के कडवे गरम बोल
बना देते हैं पराये
तो ग्रीष्म ऋतु की दोपहरी के तरह
मौसम की आवोहवा रिश्तों पर करती है असर !

ये संबंधो का अलबेला रिश्ता
सुख-दुख के दामन के बीच
खेलता है, अठखेलियाँ करता है
फिर कभी कभी यही रिश्ता
सावन के मूसलाधार बारिश की तरह
आँखों से झर-झराने लगता है
ला देती है अंदर तक नमी  
फिर यही बरसता सावन  
लाता है गर्मजोशी
रिस जाता है दर्द …..
तो सही है कहा 

मौसम की आवोहवा रिश्तों पर करती है असर !


29 comments:

विभा रानी श्रीवास्तव said...

Bilkul sahi baat
100%

nayee dunia said...

sachhi baat kahi hai aapne

अनुपमा पाठक said...

जो दशा होती है मन की, वैसी ही तान में गाता हुआ लगता है मौसम!

रंजू भाटिया said...

जैसा मन वैसा मौसम ..सुन्दर रचना

Pallavi saxena said...

अनुपमा पाठक जी की बात से सहमत हूँ...:))

Pratibha gotiwale said...

bahut sundar rachna

डॉ. मोनिका शर्मा said...

संबंधों में भी मौसम बदलते हैं..... सुंदर रचना

sushmaa kumarri said...

बेहतरीन अभिवयक्ति.....

Rewa Tibrewal said...

sach kaha apne...sundar rachna

मेरा मन पंछी सा said...

बदलते मौसम में बदलते रिश्ते..
बेहतरीन रचना....

Aparna Bose said...

waah mausam ke saath rishton ke badlav ko lekar sundar prastuti

Unknown said...

Har mausam,har rishte man ke bhav se hi nirdharit hote hain......wah

Unknown said...

bahut khhob ...mausam ke sath rishton ko paribhashit karti hui ek pyaari rachna ..sach 100% sach ..

संध्या शर्मा said...

सही कहा बहुत असर करती है... सुन्दर रचना

अरुन अनन्त said...

आपकी इस प्रविष्टी की चर्चा कल रविवार (04-08-2013) के चर्चा मंच 1327 पर लिंक की गई है कृपया पधारें. सूचनार्थ

दिल की आवाज़ said...

रिश्ते बर्फ की माफिक पिघल जाते हैं जब मोहब्बत की तपिष सहने का वक्त आता है !
सुन्दर रचना ... बधाई

Anju (Anu) Chaudhary said...

बस एक दुआ कि दोस्ती का रिश्ता कभी ना बदले

Ranjana verma said...

मन के स्थिति के अनुसार ही मौसम बदलता नजर आता है ……….
बढ़िया प्रस्तुति !!

Ranjana verma said...

मन के स्थिति के अनुसार ही मौसम बदलता नजर आता है ……….
बढ़िया प्रस्तुति !!

प्रवीण पाण्डेय said...

हृदय को नम करती बारिश की बूँदें..

anilanjana said...

सरल सरल रिश्ते...गरल गरल सम्बन्ध
सहन सहन हरचंद..वहन वहन अनुबंध
स्वर्ण स्वर्ण समर्पण....धूल धूल उम्मीद
चाह चाह स्वीकार्य...जतन जतन नीलकंठ

rishton ko samhalna kitna asan hai..bus ..neelkanth ban jana hai...garal ko gale se neeche na lane dene ka prayas.......
mausam ki abohava rishton pe mausmi prabhaav hi chor sakti hai..maane anshkalik....
behtreen .. samvedan sheel hriday se nikle bhaav yahi ho saktehain....god bless

दिगम्बर नासवा said...

मौसम और र्श्तों को बाखूबी बाँधा है शब्द-सेतु से ... बहुत लाजवाब ...

प्रतिभा सक्सेना said...

मानव-मन और प्रकृति में बिंब-प्रतिबिंब संबंध का सुंदर द्योतन !

Mahesh Barmate "Maahi" said...

सुंदर और सटीक प्रस्तुति

shashi purwar said...

nice expression mukesh true ..

प्रियंका गुप्ता said...

खूबसूरत कविता...रिश्ते सच में मौसम की ही तरह होते हैं...| बधाई...|

प्रियंका

डॉ. जेन्नी शबनम said...

सटीक रचना, बधाई.

Unknown said...

मौसम की आवोहवा रिश्तों पर करती है असर !
सच कहा

Unknown said...

True lines..