जिंदगी की राहें

जिंदगी की राहें

Followers

Showing posts with label हद. Show all posts
Showing posts with label हद. Show all posts

Friday, June 26, 2015

क्षणिकाएं




1. 
मेरी राख पर 
जब पनपेगा गुलाब
तब 'सिर्फ तुम' समझ लेना
प्रेम के फूल !!
-------------
इन्तजार करूँगा सिंचित होने का :)


2. 
मेरी इच्छाएं रहती है हदों में, 
पर नींद में कर जाता हूँ 
सीमाओं का अतिक्रमण !!
______________
हदों के पार :)


3.
कल रात ख़्वाबों के बुने स्वेटर
पर भोरे भोरे एक फंदा उतरा
सारे सपने ही उधड़ते चले गये 
---------------------
चलो गर्मी आ गयी इस रात सपनों का पंखा चलेगा
 !!