जिंदगी की राहें

जिंदगी की राहें

Followers

Showing posts with label नज्म. Show all posts
Showing posts with label नज्म. Show all posts

Wednesday, June 1, 2016

'मृत्यु'


'मृत्यु'
मैं लिखूंगा एक नज्म तुम पर भी,
और
अगर न लिख पाया तो न सही
कोशिश तो होगी ही
तुम्हारे आगमन से
जीवन के अवसान में
शब्दों के पहचान की!!
तेज गति से चलता रुधिर
जब एकाएक होने लगे शिथिल
नब्जों में पसरने लगे
शान्ति का नवदीप
जैसे एक भभकता दीया
भक्क से बुझने से पहले
चुंधिया कर फैला दे
दुधिया प्रकाश !!
जर्द से चेहरे पर
एक दम से
दिखे, सुनहली लालिमा !
मौसम और समय के पहर से इतर
दूर से जैसे आती हो आवाज
एक मरियल से कुत्ते के कूकने की !!
समझ लेना विदा का वक्त
बस आ ही चुका है !
बेशक न कहें - गुडबाय!
पर नजरों में तो पढ़ ही सकते हो
- मृत्यु का एक प्रेम गीत !!
इतना तो कहोगे न -
"अब तक की बेहतरीन कविता" !!
अनुप्रिया व प्रिय दर्शन जी

Thursday, March 7, 2013

ऐ हसीना !!


आज महिला दिवस पर कुछ पंक्तियाँ अपने जिंदगी से जुड़ी सबसे खूबसूरत महिला को समर्पित करता हूँ, आखिर जिंदगी तो उसी से है .... कुछ साधारण से शब्द उसके लिए

ऐ हसीना !!
क्या तू बन पाएगी मेरी रचना
शब्द मे सज पाएगी कभी
क्या कभी चंचल शोख अदा
ढल पाएंगे, बन पाएंगे नज्म
बालों का झटकना
कैसे दिखाऊँ अपने हरफ़ों मे
गोरा सुर्ख चेहरा, छरहरा बदन
नारी की नजाकत
कैसे लाऊं शब्दो मे ??
.
चलो कोई नहीं
तुम्हारे से ही
हो जाएगी कविता सृजित
आखिर ये रचना तुम्हें ही तो
करनी थी अर्पित
अब तो मुस्कुरा दो........

कुछ ट्रोफिज में से एक सबसे अहम .....:):):