जिंदगी की राहें

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Tuesday, November 4, 2014


धरती पर कहीं स्वर्ग है 
तो सिर्फ यहीं हैं, यहीं है, यहीं है
ऐसा जपने वालों
ए कश्मीर के निवासियों 
पहली बार देखा व झेला तुमने 
भीषण दर्द और विभीषिका बाढ़ की 
पुरे देश की हेड लाइंस में 
फिर से आ ही गए,
चौतरफ़ा छा ही गये
चौकुठे कैमरे के साथ 
गंभीर बैठा मीडीया
उधेड़ रहा अब तुम्हारे
ज़ख़्मों की बखिया
दर्शाते हुए चिंता
घोषित किया गया
इसे राष्ट्रीय आपदा
और तुरंत फुरंत ही पूरा देश
खड़ा है अब तुम्हारे पीछे
हर भारतीय को प्यारा है कश्मीर
आख़िर हमारा है कश्मीर
हमें दिली हमदर्दी है कश्मीर !
आखिर दिल में बसते हो यार
सुन रहे हो न ए-कश्मीर !!
बेशक घाव देते रहे हो, तुम
फिर भी हमें चिंता है तुम्हारी !!

पर कभी तुमने
उस बिहार की बाढ़ विभीषिका पर
हलकी अधमुंदी नजर भी डाली
वही बिहार, जो इस देश का कभी सिरमौर था
वहां हर वर्ष होता है त्राहिमाम
नेपाल से निकलती नदियाँ
लीलती है लाखों जानें
मूक..बिना अखबारों की सुर्खियां बने
लाखों लाशें बह.. गल.. जल जाती हैं
फिर भी बिहार, नहीं होती हकदार
किसी खास पॅकेज का
अनुदान का, संवेदना का
आंसू तक नहीं मिलते, टपकाने वाले
फिर भी ये बिहार, मजबूती के साथ
तुम्हारे साथ खड़ा है, कश्मीर !!

याद रखना कश्मीर
हर बिहारी के दिल में, बसते हो तुम !!
वैसे भी हर बदमाश बच्चे का ध्यान
माँ बाप ज्यादा ही रखते हैं
ऐसा सुनते आये हैं हम .....
करते भी आए हैं हम...
सच ही है न .......!!
कश्मीर!! कभी दिल में बिहार को
बसा कर देखो न .......प्लीज !!
शायद दिख जाए कभी
एक हल्की झलक तुम्हारी,
पीर कहाँ मेरी-तेरी
एक ही तो है हमारी !
---------
काश हम रहे साथ जिए साथ 
हरदम साथ साथ 




Thursday, April 25, 2013

मैं शर्मिंदा हूँ !














हाँ मैं शर्मिंदा हूँ !
क्योंकि मैं पुरुष हूँ, क्योंकि मैं भारतीय हूँ
हाँ मैं शर्मिंदा हूँ !
क्योंकि मैं निवासी हूँ उस शहर का
जहां महफूज नहीं है, "मासूम बच्ची" भी  
हाँ मैं शर्मिंदा हूँ !
क्योंकि पहले मैं शान से अपने
बिहारी होने पर करता था गर्व
क्योंकि ये भूमि
सीता-बुद्ध-महावीर-गुरु गोविंद की भूमि थी
बेशक लचर शासन व्यवस्था/ साक्षरता ने
हमारे बिहार को बना दिया सबसे गरीब
पर हम बिहारी कभी दिल से गरीब नहीं रहे  
पर, आज ये भूमि
खूंखार बलात्कारियों
की जन्मभूमि कहला रही है
हाँ मैं शर्मिंदा हूँ !

(ये बात दिल को लगती है, और बुरी भी है... जो बिहार आज भी सबसे ज्यादा प्रशासनिक अधिकारी भारत को देता है, जो देवो की भूमि रही है, वहाँ से पैशाचिक बलात्कारी पकड़े जा रहे हैं।)