जिंदगी की राहें

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Tuesday, February 2, 2016

love- calander



पन्ने पलट गए कैलेण्डर के कई बार  !!

दोनों तरह के कैलेण्डर थे सामने
एक में सन्डे मंडे बीत रहा
साथ में बीता जुलाई फिर अगस्त
सेकंड सैटरडे के बाद आया था थर्ड वाला मंडे !!

दूसरा था ठाकुर प्रसाद का पंचांग वाला कैलेण्डर
अमावस्या, फिर दूज का चाँद भी दिखा
ईद का चाँद गया .....
अब उम्मीद बची पूर्णिमा की !.

बीतते समय के साथ
उम्मीद थी, यादें भी दरदरा जायेंगीं
करनी पडेंगी रफू
पर ये क्या
तुम्हारी सारी स्मृतियाँ
अब भी
एकदम चटख ........ और मजबूत!!

याद करो, जब पहले कैलेंडर के दूसरे पन्ने पर
मैंने गोला बनाया था, जब मिले थे हम
क्लास बंक करे कंधे पर बैग लटकाएं
कांपते हाथो से पकड़ी थी उँगलियाँ !!

फिर तुमने उसके 36 दिन बाद का गोला लगाया
बोला अब करो इन्तजार इत्ते दिन

ये हिंदी का छत्तीस वाला आंकड़ा भी गज्ज्बे हैं
बिस्तर पर दोनों सोये,  जैसे घूर रहे हों दीवाल ....

कोई नहीं, आ जाएगा वो  दिन भी....
और फिर पहला बोसा, पहले प्यार का !

कुछ चालाकी भी की, जैसे जेठ कीे पहली एकादशी के दिन का गोला फिर घुमाया
जब चलेंगे हम दोनों .....नदी किनारे घूमने!

दिन महीने साल बदलते जायेंगे ........ सुनाया था याद है न
गाने के दौरान अपने मन माफिक बदल दिया था कैलेण्डर

तुम भी तो थी थोड़ी चालाक
पर तुम्हे मेरे सामने बेवकूफ बन जाने की लग चुकी है लत !!

आखिर प्यार भी तो बेवकूफियां ही है न ...... !!


Tuesday, August 11, 2015

स्पेसिफिक कोना

गूगल से

जरुरी है
डायरी के पन्ने का पलटा जाना
क्यूंकि कहीं न कहीं
पिछले किसी खास पन्ने पर
होगा ही, उसका हस्ताक्षर !!
साथ में लिखा होगा "लव यू"

चमकता गुलाबी गुलाब
खुशबू बिखेरता अच्छा लगता है
पर डायरी में सहेजा
वो खास सूखे गुलाब की पंखुड़ी, इस्सस
उसके जैसा तो शायद कोई भी बुके नही
बस, कुछ भी पुरानी अहमियत
अच्छा लगता है!

पता नही कितनी सारी
पढ़ी प्रेम कहानियां
पर वो मिलना बिछुड़ना
कुछ तो खास कसक थी उसमे
बनती अगर प्रेम मूवी
सेल्युलाइड पर हिट हो ही जाती!

कॉलेज का वो स्पेसिफिक कोना
वो खास गुलमोहर का पेड़
जिसके नीचे रखे उस खास पत्थर पर
चिपक कर बैठे
गुजारा समय कई बार
आज भी ताजमहल लगता है!

चलना, चढ़ना, उतरना
हांफना दौड़ना भागना
सब होता है आज भी
पर वो खास ठोकर
जो खाई थी हमने
उसको निहारने के चक्कर में,
उसको याद कर हलकी सी विस्सल करना
मुनासिब ही लगता है!

कुछ महकते जर्द पन्ने
ता जिंदगी
भरते हैं एक्स इफ़ेक्ट की खुशबू !!
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हलकी चोर मुस्कराहट, होती है खास वजह :-)