जिंदगी की राहें

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Saturday, September 7, 2013

सिर्फ तुम !




पल पल
हर क्षण
जर्रे जर्रे में
तुम
सिर्फ तुम !

मेरे सपने
मेरी हसरतें
मेरी शर्तें
मेरी जरूरतें
मेरी शरारतें
मेरी रातें
मेरे फलसफे
मेरी डायरी
मेरे शब्द
मेरा दिल
मेरी धड़कन
मेरी जान
मेरी तन-मन-धन !

हर जगह तो
बसने लगी हो
तुम
सिर्फ तुम

पर
इनमें
मैं कहाँ हूँ ?
कैसे ढूँढूँ ?
कब-कब ?
कहाँ-कहाँ ?
किधर ?
उफ़्फ़!!
मैं हूँ भी ??
या नहीं ??



Thursday, June 24, 2010

ये दिल्ली है मेरी जान


ये दिल्ली है मेरी जान 
चौड़ी सड़कें 
फिर भी सरसराती
बी.एम.डब्लू. 
के नीचे जाती मेहनतकश की जान



ये दिल्ली है मेरी जान 
रोड़े पत्थर का जंगल 
और प्रदुषण 
फिर भी 
सबसे हरियाली राजधानी की पहचान


ये दिल्ली है मेरी जान 
एक तरफ पैसे की चकाचौंध 
दूसरी तरफ 
दिखती मौत का तूफान


ये दिल्ली है मेरी जान 
नेताओं के चकाचक कुरते 
और उस सफेदी के पीछे 
छिपी काले कुत्ते के अरमान 


ये दिल्ली है मेरी जान 
दूर से दिखता पार्लियामेंट हाउस 
पर ये नहीं दिखता 
की उसके अन्दर लड़ते हैं 
मानव खाल में मिक्की माउस


ये दिल्ली है मेरी जान 
कोई तन को ढक नहीं पाता
क्योंकि नहीं हैं कपडे  
कोई तन को नहीं ढकता 
क्योंकि 
बनाना है पेज - ३ की शान


ये दिल्ली है मेरी जान 
विकास के नाम पर 
क्या नहीं कर रही सरकार 
पर सब बेकार 
क्योंकि  
आम आदमी महंगाई से परेशान


ये दिल्ली है मेरी जान 
जहाँ की दिल्ली पुलिस 
कहती है
विथ यू, फॉर यू, always !
लेकिन फिर भी लुटती है
लड़कियों की अस्मत, और जाती है
साधारण लोगो की जान


ये दिल्ली है मेरी जान 
कहने को है  
"दिल वालो की दिल्ली" 
लेकिन सब चुप होते हैं 
जब हादसे में रूकती है
किसी की धड़कन


ये दिल्ली है मेरी जान 
जहाँ जिंदगी देती है इतनी दर्द 
फिर भी दिल में  
उम्मीद रहती है सर्द 
आखिर कभी तो वो होगा 
जब जीतेंगे जहान..............:)