जिंदगी की राहें

जिंदगी की राहें

Followers

Showing posts with label काश. Show all posts
Showing posts with label काश. Show all posts

Friday, May 29, 2020

डर



डर
कोरोना नहीं होता
पर
कोरोना
होती है वजह
मरने की
मरने से
डर तो लगता
ही है न
हां,
भूख भी
मरने की
वजह हो सकती है
भूखे लोग
डरे रहते हैं कि
मर न जाएं
डरे लोग
दुबके हैं
पर भूख और डर की समग्रता
करवा रही है
सफर
कोरोना पीड़ित
मर ही जायेंगे क्या?
शायद नहीं
पर
भूख पक्का
मारती है
काश
इतने अन्योन्याश्रय सम्बन्ध
नहीं हुआ करते
काश
कोरोना भी नहीं होता
काश
भूख भी सफर नहीं करता
कितनी बेबसी
कितनी लाचारी
मौत अपना प्रभाव
छोड़ेगी ही
चाहे वो भूख की हो
या हो किसी अदृश्य वायरस की
जहां 'काश' की
गुंजाइश तक नहीं
है तो सिर्फ अंतहीन प्रतीक्षा
और करुणा से भीगी प्रार्थना
जिंदगी
है अभी मुसीबत भरी आपदा
है 'काश' का पुलिंदा
....है न!!!
~मुकेश~

Monday, May 20, 2013

काश!!



काश!
मुझ में होती, नीले नभ जैसी विशालता
ताकि तुम कह पाती
मैं हूँ तुम्हारा अपना
एक टुकड़ा आसमान !
काश, मुझ में होती
समुद्र जैसी गहराई
ताकि तू डूब पाती
मेरे अहसासों के भंवर में!
काश, मुझ में होती
हिमालय सी गंभीरता
ताकि तुम्हे लगता
मैं हूँ तुम्हारे लिए कवच सा
रक्षा करने वाला, रखवाला!
काश मेरा ह्रदय होता
फूलो के पंखुड़ियों सा कोमल
ताकि तू अपने धड़कते मन में
रख पाती, सहेज कर, बाँध कर!
काश, ऐसा कुछ हो पाता
ताकि तुम मुझमे और मैं तुम में खो जाता
जो होती प्रेम की पराकाष्ठा
सिर्फ और सिर्फ प्रेम!
प्रेम !!
काश के भंवर में
डूबता उतरता प्रेम ......... 
~मुकेश~