जिंदगी की राहें

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Wednesday, December 6, 2023

स्त्री : पुरुष

 


पंखे के नीचे

बिस्तर पर लेटा था पुरुष
पर सपने में तितलियों सी तैरती रही स्त्री
स्कूटर के धुएं से जब
प्रकृति को नष्ट करता रहा पुरुष
तो कमर पकड़े सहचर सी, पीछे बैठी थी स्त्री
यहां तक कि कॉलेज नोट्स से
ज्ञान बटोरने की कोशिश कर रहा था पुरुष
तो किताब के पन्ने से टपकी तस्वीर, मुस्काई स्त्री
कामाग्नि में अंधा
स्त्री-देह जलाता, अपराध करता पुरुष
पर चाहते, न चाहते फिर भी, सहचर बन गई स्त्री
जब बंजर जमीन पर, बुझे मन से
प्रेम तलाश रहा था पुरुष
तब भी दूर हरियाई धरती सी ताक रही थी स्त्री
पुरुष हरसमय ढूंढता रहा स्त्री।
स्त्री मान बढ़ाती कहती रही, तुम सर्वश्रेष्ठ हो पुरूष !
... है न!
- मुकेश





Monday, January 1, 2018

उम्मीदों की नयी शुरुआत



सबसे पहले तो Ravish Kumar जी को शुक्रिया, एक बेहद संजीदे पत्रकार ने प्रेम के कथाओं को गढ़ने का नया तरिका इजाद किया 
उसके पहले Divya को भी थैंक्स, उनके टर्म्स एंड कंडीशन एप्लाय को पढ़ते हुए ही पहली बार लगा था कि ऐसी ढेरों कहानियां मेरे इर्द गिर्द हाइड एंड सीक खेल रही, पर उन्हें शब्द देते हुए इतना बड़ा करना ताकि पाठक उसको जीने लगे, ये नहीं आया ! 
समय के साथ, ढेरों लघु प्रेम कथाएं टाइम पास के जज्बे को लिए फेसबुक के स्टेटस अपडेट का मसाला समझ कर गढ़ा, कुछ करीबी मित्रों यथा Aparna, Abha, Lalitya, प्रीति, शाह नवाज़,DrPriti, Nanda, बबली, Pravin, Bhavna Shekhar, Amit, Pravesh, Swati, रवि, Menka, Neelu, Neeta, Anju, Amita, Neelima, Samta, Ranju. Asha, अनु,, Rashmi, Rekha, Nirmala, Shalini. Nutan, सारिका, Sarika, Daisy, Abhijeet, Poonam, Kavita (सबके साथ जी  ) ने हर बार कहा ये कागजों पर ठीक ठाक लगेगी | शुरूआती दिनों में अनुप्रिया के रेखाओं के साथ इसको प्रकाशित करें, इस तरह भी सोचा था, पर समय के साथ वो बात भी ठन्डे बसते में चली गयी | एक कन्फ्यूज्ड व्यक्ति हर समय मेरे अन्दर से आवाज लगाते रहा - बेवकूफ सभी तुम्हे उल्लू बना रहे  ! और तो और मेरी दीदी जिसने मेरी कविताओं के लिए मुझे हर बार सराहा वही इस कहानी के लिए सबसे बड़ी आलोचक रही तो घबडाना वाजिब ही था 
फिर Om Nishchal जी ने विश्वास दिलाया - हाँ ये किताब में आये तो बुरा नहीं लगेगा| मुझे फिर भी लगा एक वरिष्ठ मित्र शायद कहीं मेरे साथ मस्ती कर रहा है | फोन किया, उन्हें पकाया, उन्होंने दिलासा दिलाया - ये औसत से थोड़ी बेहतर हैं, इन्हें कागजों में उतारना, बुरा ख्याल नहीं है 
जब नोटबंदी सीरिज की तीन प्रेम कथाओं को Tejendra सर ने अपने पुरवाई में छापा, विश्वास और मजबूत हुआ | आखिर कई प्रकाशकों से बात की, खुल कर बोल पाने कि स्थिति में कभी नहीं था फिर भी कईयों ने ई-बुक के लिए कहा | मैंने कहा वो तो फेसबुक/ब्लॉग पर है ही, ई बुक जैसे शक्ल में ही | आखिर Maya Mrig जी ने कहा भेजो देखता हूँ | वर्ड फ़ाइल उनके इनबॉक्स तक पहुँच गयी| उन्होंने भी ऐसा भी भाव नहीं दिया कि लगे, मैंने कोई छक्का मार दिया 
पर पिछले शनिवार को उनका फोन आया - वो इसी बुक फेयर में इस किताब को लाना चाहते हैं और फिर मेरे आँखों के सामने "लाल फ्रॉक वाली लड़की" छमकने लगी 
ओह हो - भूल गया इन सबके बीच अपने कई मित्र जो रेखाओं और रंगों से खेलते हैं उनसे भी गुजारिश करता रहा कि कोई चटख रंगों वाली "लाल फ्रॉक वाली लड़की" मेरे लिए गढ़ दें | पर सबके पास अपनी अपनी वजह थीं, अपनी अपनी व्यस्तता  एक मित्र Savita G Jakhar हैं, जो कई वर्षों से मेरी लिस्ट वाली मित्र रहीं, फ्रांस में रहती हैं, इनकी चित्रकारी का सायलेंट व्यूअर शुरू से रहा, इनको भी इनबॉक्स कर दिया कि एक कॉम्प्लीमेंट्री पेंटिंग तो दे ही दो  समय का पता था नहीं, इन्होने सोचा कभी दे देंगे  पर इसी रविवार को इन्होने कुछ पेंटिंग्स दिखा कर मेरे से ऑप्शन्स पूछा और फिर तो बल्ले बल्ले  एक बेहद प्यारा कवर आपके सामने है 
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सौ बातों की एक बात: बोधि प्रकाशन से मेरे लघु प्रेम कथाओं की किताब "लाल फ्रॉक वाली लड़की" बस प्रकाशन के लिए तैयार है, विश्व पुस्तक मेले में इसका आगाज 7 जनवरी रविवार को होगा, और आप सबका स्नेह पाने के उम्मीद, पहले की तरह ताउम्र बनी रहेगी