जिंदगी की राहें

जिंदगी की राहें

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Monday, February 9, 2009

mukesh

Photo Effects. Street Art

Friday, July 18, 2008

!!~:मकान:~!!


मुहब्बत की खुशबु से जब महक उठता है
ईंट गारे से बना मकान!
तो बन जाता है प्यार का घरोंदा
चहक उठता है मकान!
जब इस घरोंदे में
दो दिलो के प्यार की निशानी
खिलता है एक नन्हा सा फूल
तो स्वर्ग मैं तब्दील हो जाता है यह मकान!

पर इतना आसान होता नहीं
मुहब्बत का हसीं जहाँ बसाना
इसकी खातिर,
मुहब्बत के एहसास
और रिश्तो की महक से होता है सींचना
तब जाकर बनता है स्वर्ग जैसा मकान!

फिर, मकान के आँगन में,
खिलता है रिश्तो का फुल
जिसके प्यार की खुशबु
रहती है ता-उम्र बरक़रार
इस खुबसूरत सफ़र में
माँ बनाने की जिम्मेदारी पाता है मकान!

एक अटूट और अनोखा रिश्ता होता है
जब शिशु की जन्म का साथ
जन्म होता है एक नयी माँ का
और इस जन्म का साथ
माँ का हर पल हो जाता है संतान का नाम
साथ ही शिशु की किलकारी से
जगमगा उठता है मकान!

फिर वो दिन आता है
जब प्रकाश व फूलो से सज उठता है मकान
क्योंकि वह शिशु हो गया है जवान
है घोडी पर चढ़ने को तैयार
माँ के ह्रदय को पुलकित देख
अंगराई लेता है मकान!
.
इस नश्वर जीवन मैं क्या रखा है
बहुत किया, बहुत कुछ उम्मीद रह गयी
मृत्यु सैया पर पड़ी है माँ
बेटे को अंतिम समय मैं निहारने के लिए
थक गयी है माँ की अंखिया
पर रो भी तो नहीं सकता है मकान!
माँ की अनुभूति को देख तड़प रहा है मकान!!
.

Wednesday, July 2, 2008

प्यार, प्यार और प्यार!!!!


न आसमान को मुट्ठी में,

कैद करने की थी ख्वाइश,

और न, चाँद-तारे तोड़ने की चाहत!

कोशिश थी तो बस,

इतना तो पता चले की,

क्या है?

अपने अहसास की ताकत!!


इतना था अरमान!

की गुमनामी की अँधेरे मैं,

प्यार के सागर मैं,

ढूँढूँ अपनी पहचान!!

इसी सोच के साथ,

मैंने निहारा आसमान!!!


और खोला मन को द्वार!

ताकि कुछ लिख पाऊं,

आखिर क्या है?

ढाई आखर प्यार!!

पर बिखर जाते हैं,

कभी शब्द तो कभी,

मन को पतवार!!!

रह जाती है,

कलम की मुट्ठी खाली हरबार!!!!


फिर आया याद,

खुला मन को द्वार!

कि किया नहीं जाता प्यार!!

सिर्फ जिया जाता है प्यार!!!

किसी के नाम के साथ,

किसी कि नाम के खातिर!

प्यार, प्यार और प्यार!!!!

Wednesday, June 25, 2008

कोख से बेटी की पुकार


मम्मा!

मुझे भी,

भैया की तरह,

इस चमकती दमकती दुनिया मैं आने तो दो......


मम्मा!

तुम स्वं बेटी हो

हम जैसी हो

तो क्यों न

बेटी की माँ बन कर देखो.....


मम्मा!!

माना की तुम्हे मामा के तरह

मिला नहीं प्यार

माना की जिंदगी के हर मोर पे

बेटी होने का सहा दर्द बारम्बार.........


मम्मा!!

पर कैसे एक जीवन दायिनी

बन सकती है जीवन हरिणी

कैसे तुम नहीं अपना सकती

अपनी भगिनी..........


मम्मा!

तुम दुर्गा हो, लक्ष्मी हो

हो तुम सरस्वती को रूप

तो फिर इस अबला के भ्रूण को

लेने तो न जीवन को स्वरुप .......


मम्मा!

तेरी कोख से

तेरी बेटी कर रही पुकार

जरुर अपनाना

पालन पोषण करना

फिर तेरी ये नेह

फैलाएगी दुनिया मैं प्यार.......

प्यार.....

Monday, June 23, 2008

~:वक्त:~


छिछोरापन, आवारागर्दी, उद्दंडता...
यही तो करने लगे हैं,
आज के कुछ युवा
साथियों! इन्हें समझाने को वक्त आ चूका है...........

दे रहा, आम आदमी को मूक दर्द
जब आवाज दर दर
अब भी, अगर हम सब चुप रहे
तो आने वाला वक्त क्या कहेगा.......

खुशियों, उल्लासो को बेरहमी से
बदहवासी व शोक मैं बदला जा रहा है
फिर भी हम नहीं बदल पाए तो
बदलते वक्त को आशियाना क्या कहेगा.........
समय की तकदीर
सिर्फ कलम से लिखी जा नहीं सकती
साथियों! बदलते वक्त को
सँवारने का वक्त आ चूका है..........

Thursday, June 12, 2008

~:: रंग ::~


बचपन में सात रंगो को

हम सतरंगा या इन्द्रधनुष पुकारा करते थे ..

पर शिक्षक हमें ...इसे बेनिआह्पीनाला बताते थे

{बैगनी, नीला, आसमानी, हरा, पीला, नारंगी, लाल}


किन्तु आज जाना,

जब इन सभी रंगो को मिलाते हैं

तो एक रंग को उद्भव होता है ....

वो एक रंग ही इन सातो को मिश्रण है ...

यही वह रंग है जो सबको अपने में समेटे है

यही वह रंग है जो शांति का रंग है

जो सद्भाव का रंग है

जो उजाला है, जो सफ़ेद है, जो प्रकाश है ....




अर्थात , चाहे हम हो हिन्दू ,

सिख मुस्लिम हो या इसाई .....

हमें बन के रहना है भाई भाई ...

Tuesday, June 10, 2008

VRIKSHAROPAN


vriksharopan

agar aap ke paas ho pawan man

agar aapke dil main dharkti ho dharkan

agar aap chahte hon ki kalraw kare pakshi gan

agar aap aur hamari jarurat hai swakshh oxygen

agar ham apni pidhi ko dena chahte hon sundar jeewan

agar hamre dil se awaaj aati ho hara bhara ho hamara aangan

to karen vriksharopan!

jarur karen vriksharopan!!

khushi degi ....vrisharopan!!!

santushti degi...vrisharopan!!!!

karenge na...........vriksharopan!!!!!