जिंदगी की राहें

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Tuesday, April 11, 2017

APN न्यूज़ पर म्यूजिकल शो "मेरा भी नाम होगा"


"टेक रीटेक, साउंड कैमरा म्यूजिक, हाफ स्केल ऊपर-नीचे"

हाँ तो कुछ ऐसे शब्दों से वास्ता पड़ा, जब APN न्यूज़नेटवर्क के नोएडा सेक्टर 68 स्थित शानदार स्टूडियो में उनके आगामी म्यूजिकल रियलिटी शो "मेरा भी नाम होगा" के पहले राउंड के लिए होने वाले सुरोत्सव हेतु मैं भी एक क्रिटिक ज्यूरी के रूप में उपस्थित था |

APN विशेष रूप से उत्तर प्रदेश और पूर्वांचलके दर्शकों के बीच अपने ख़ास जुड़ाव के लिए उस क्षेत्र के दर्शकों के लिए बेहद लोकप्रिय श्रेणी के टीवी चैनल में अपना स्थान रखता है | APN खबर के साथ साथ अन्य सांस्कृतिक माध्यम के द्वारा जनजागृति में अपना योगदान बराबर देता आया है | और इसी अभियान के एक कड़ी के रूप में इस न्यूज़नेटवर्क ने अब पूर्वांचल की माटी की सौंधी सुंगंध वाले भोजपुरी लोकसंगीत के माध्यम से भी जनचेतना जगाने हेतु एक अनूठे प्रयास के तौर पर म्यूजिकल रियलिटी शो "मेरा भी नाम होगा" लेकर आयी है | जिसमे म्यूजिकल धुनों के अलावा बिरहा, चैता, कजरी, छठ, निर्गुण गायकी, भजन आदि के माध्यम से सामाजिक सरोकारों से जुड़े विविध कार्यक्रमों पर प्रतिभागियों से ये अपेक्षा की जाएगी की वो सुरों में अपनी बात रखें |



गायिकी के क्षेत्र में बड़ा नाम तृप्ति शाक्या ने जैसे ही इस राउंड का आगाज फिल्म काला पानी के गीत "नजर लागी राजा तोरे बंगले पर....." के साथ दमदार और सुरीली प्रस्तुति के साथ शुरू किया, एक समां बंधता चला गया जो पूरे समय जानदार तरीके से सबकी मेहनत और सुरों को समेटे दीखता रहा | कार्यक्रम के जज के रूप में तृप्ति शाक्या, म्यूजिक डायरेक्टर शेखर त्रिपाठी, स्टैंड अप कामेडियन सिद्धार्थ सागर और दर्शन जी के रूप में विराजमान थे और हर बार इनके कमेंट्स सुनकर ऐसा लग भी रहा था कि जजों से जो अपेक्षा रहती है उससे जरा भी कमतर नहीं हैं ये |


क्रिटिक ज्यूरी के तौर पर मिडिया से हिन्दुस्तान के सीनियर एडिटर विशाल ठाकुर, शायर जुनैद खान और एक कवि/ब्लॉगर के रूप में मैं उपस्थित था | इंडियन आयडल फेम रवि त्रिपाठी और न्यूज़ एंकर अभिलाषा ने मंच सञ्चालन के लिए जो समा बाँधा, वो उल्लेखनीय है, रवि ने अपने सुरों के साथ और अभिलाषा ने अपने शब्दों की बाजीगरी के साथ दर्शकों को बांधे रखने की बेजोड़ कोशिश की !!बैक स्टेज पर मनीष और सोनाक्षी अपने कार्यों के साथ दिख रहे थे, कि मेहनत करनी पड़ती है, एक प्रोग्राम के सक्सेस के लिए | मैंने अपने वक्तव्य में एक दम से कुछ सुनी सुनायी पंक्तियों को ही तोड़ मरोड़ कर एक पंक्ति कही जो दिल की बात थी :
".....मैंने चाहा ही नहीं, वरना हालात बदल सकते थे
मैं तो चुप ही रहा वरना खुशियों होंठों से छलक सकती थी
मैं तो रुका ही रहा झील की तरह, बहता तो निकल सकता था दरिया के तरह .........
..........हाँ, चाहत होती तो अपने समय में मैं भी तो कह सकता था "मेरा भी नाम होगा"  |"

प्रतिभागियों के रूप में अलग अलग जगहों से आये हुए युवक/युवतियां और एक नन्ही परी भी उपस्थित थी | कौशलेन्द्र, शुभम, आव्या, मुस्कान, रितेश, श्रेया, अमन, राहुल और आशुतोष ने बखूबी अपने गायकी से ये दिखाने की कोशिश की कि क्यों वो "मेरा भी नाम होगा" में आये हैं, और वो क्यों चाहते हैं कि उनका नाम हो | हर गायक/गायिका अपने परफोर्मेंस के साथ सर्वश्रेष्ठ था | इन युवाओं के लिए कुछ पंक्ति कहना चाहूँगा, याद रखना बच्चो :)
मिटटी पे धंसे पाँव
देते हैं आधार
देते हैं हौंसला
देते हैं पोषण

हमने संगमरमर पर
बराबर फिसलते देखा है
नर्म पांवों को ... !

स्टैंडअप कामेडियन सिद्धार्थ सागर ने भी कुछ देर के लिए अपने जलवे से एक अलग छटा बिखेरी, ये देखना की उन्हें भी म्यूजिक के साथ गजब का लगाव है, अच्छा लगा, क्योंकि हार्मोनियम के साथ उन्होंने वडाली बंधुओं की शानदार आवाज निकाली |

कुल मिला कर एक शानदार एंटरटेनमेंट पैकेज जो सामाजिक सरोकार से जुड़ा होने के बावजूद कभी भी नीरस नहीं लगा, पूरा प्रोग्राम एकदम शानदार ग्रिप में कसा हुआ था, और मेरी उम्मीद कहती है, एक ब्लॉक बस्टर शो का आगाज बस होने ही वाला है ......! अगर मैं समीक्षक भी होता तो इस शो के लिए अभी से पांच में साढ़े चार स्टार तो दे ही सकता हूँ !!